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विधायकों को पढ़ाने वालों को भी मिलेगी समान सुविधा

विधायकों को पढ़ाने वाले भी उनकी तरह की ही सुविधा पाएंगे। राज्य सरकार ने तय किया है कि संसदीय अध्ययन एवं प्रशिक्षण ब्यूरो की टीम यदि जिलों में दौर पर जाएगी तो उसे वही सुविधाएं मिलेंगी जो बिहार विधानमंडल की कमिटियों को मिलती हैं। इस संबंध में मुख्य सचिव आर.ो.एम. पिल्लै ने राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ अन्य वरीय अधिकारियों को पत्र भेजा है। उसमें यह भी कहा गया है कि यदि ब्यूरो की कमिटी राज्य के बाहर भी यात्रा पर जाएगी तो भी उसे सुविधाएं मिलती रहेंगी।ड्ढr ड्ढr खजाना भरने वाले अफसरों की जेब खालीड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। ‘नौकर ऐसा चाहिए जो मांग-चांग कर खाए।’ सरकार का खजाना भरने वाले अफसरों की अपनी जेब खाली है। मामला परिवहन विभाग का है जहां अधिकतर प्रवर्तन अवर निरीक्षकों को बीते एक साल से वेतन नहीं मिला। राष्ट्रीय राजमार्गों पर नियम तोड़ने वाले एक वाहन के ही पकड़ाने पर हजारों रुपये जुर्माने के आसार रहते हैं। ऐसे में भूखे पेट और खाली जेब अधिकारियों से भारी-भरकम जुर्माने की वसूली कराना ‘बिल्ली को दूध की रखवाली’ कराने जैसा मामला अधिक लगता है। अक्टूबर में विभाग के प्रवर्तन पदाधिकारियों द्वारा की गयी राजस्व वसूली का आंकड़ा भी कुछ ऐसा ही संकेत करता है। सरकार के लिए पैसे का बन्दोबस्त करने वाले अफसरों की अपनी जेब ही खाली होने का राज 21 नवम्बर को विभाग की राजस्व समीक्षा बैठक में खुला। हैरत में पड़े विभागीय सचिव सुनील बर्थवाल ने तो तत्काल बकाये वेतन के भुगतान का आदेश दे दिया। सूत्रों के अनुसार जैसे ही प्रवर्तन अवर निरीक्षकों से राजस्व की कम उगाही को लेकर सवाल-जवाब चालू हुआ उनलोगों ने वेतन नहीं मिलने का मामला उठाया।ड्ढr ड्ढr ‘एकाुटता के प्रयास पर आडवाणी ने चोट पहुंचाई’ड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। बिहार प्रदेश कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष विजयशंकर दूबे ने कहा है कि मुम्बई में आतंकी हमले के समय देश की एकाुट छवि बनाने के प्रयास पर विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि जब देश की जांबाज फौा आतंकियों के सफाये में लगी थी तो भाजपा के नेता अपनी पार्टी के पक्ष में बयानबाजी कर रहे थे। श्री दूबे ने दावा किया कि आतंकवाद को मिटाने के लिए यूपीए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।ड्ढr ड्ढr खत्म हो रहे केमिकल खाद के स्रेत : डॉ. सिन्हाड्ढr पटना (हि. ब्यू.)। वर्मी कल्चर को अपनाये बिना खाद्य, पर्यावरण संकट व स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समूल नाश संभव नहीं है। केमिकल खाद के स्रेत समाप्त हो रहे हैं। वर्मी कम्पोस्ट के विशेषज्ञ और ऑस्ट्रेलिया में ग्रिफिट यूनिवर्सिटी के प्राध्यापक डा. राजीव सिन्हा ने रविवार को उक्त बातें कहीं। वे नूरसराय हार्टिकल्चर कॉलेज के छात्रों के अलावा मुख्यमंत्री के गांव के किसानों को पढ़ाने के लिए नालंदा आये हुए हैंे। जिलों से गेहूं-चावल का पूरा हिसाब मांगाड्ढr पटना (हि.ब्यू.)। केन्द्र को बिहार से बीपीएल आबादी द्वारा उपयोग किये गये अनाज का माहवार ब्योरा भेजने का रास्ता साफ हो गया है। एक दर्जन से अधिक जिलों ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस वर्ष अनाज की खपत की अप टू डेट रिपोर्ट उपलब्ध करा दी है। विभाग ने शेष जिलों से भी गेहूं और चावल का पूरा हिसाब मांगा है। गौरतलब है कि बीपीएल व अन्त्योदय परिवारों के लिए बिहार को प्रतिमाह 2.28 लाख टन अनाज मिलता है जिसका केन्द्र को हिसाब नहीं भेजा जाता था। वर्ष 2001-02 से 2006-07 तक रिपोर्ट तैयार कराने में विभाग को काफी फजीहत का सामना करना पड़ा। अब इस परशानी से निबटने के लिए विभाग ने उपयोगिता प्रमाण पत्र मांगा जिसपर अररिया, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, बक्सर, नवादा, मुंगेर, किशनगंज, कटिहार, कैमूर, रोहतास समेत एक दर्जन जिलों ने अनाज का हिसाब उपलब्ध करा दिया है।

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