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वैज्ञानिकों को मिला अब तक का सबसे बड़ा ब्लैक होल

वैज्ञानिकों को मिला अब तक का सबसे बड़ा ब्लैक होल

वैज्ञानिकों ने अब तक के सबसे बड़े दो ब्लैक होल का पता लगाया है जो आकार में हमारे सूर्य से 10 अरब गुना बड़े हैं। कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के खगोलविदों के नेतृत्व में एक दल ने 30 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर मौजूद निहारिकाओं में दो विशालकाय ब्लैक होल का पता लगाया।
   
ब्रहमांड की दूरियों में यह दूरी काफी कम मानी जाती है। इससे पहले पाया गया सबसे बड़ा ब्लैक होल सूर्य से छह अरब गुना बड़ा बताया गया था। वैज्ञानिक पत्रिका नेचर में प्रकाशित अनुसंधान में वैज्ञानिकों ने कहा कि यह ब्लैक होल उन क्वासार से बने होंगे जिनका निर्माण प्रारंभिक ब्रहमांड की उत्पत्ति के समय हुआ होगा। इनका द्रव्यमान युवा क्वासार के समान है और ये अब तक खोजे नहीं गये थे। वैज्ञानिकों ने इनकी खोज के लिए पृथ्वी पर तैनात दूरबीनों के साथ साथ हबल अंतरिक्ष दूरबीन और टेक्सास में सुपरकंप्यूटरों का इस्तेमाल किया।
   
ब्लैक होल का निर्माण विराट आकार वाले सितारों के बिखर जाने से होता है। यह एक ऐसा क्षेत्र होता है जहां से प्रकाश तक बाहर निकल नहीं सकता। माना जाता है कि अधिकतर मंदाकिनियों के केन्द्र में ब्लैक होल होते हैं। जितनी ज्यादा बड़ी मंदाकिनी होगी, उतना ही बड़ा ब्लैक होल भी होगा।
   
क्वासार मंदाकिनी के केन्द्र का सबसे सक्रिय और सबसे दूर स्थित पिंड हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि उनकी खोज से पता लगता है कि मंदाकिनी के आकार पर निर्भर करते हुए ब्लैक होल किस प्रकार बढ़ते हैं। बर्कली दल के एक खगोलभौतिकविद चुंग पेई मा ने कहा कि ब्लैक होल इतने समय तक इसलिए छिपे रहे क्योंकि वे सेवानिवृत्ति के दौर में हैं। उन्होंने कहा कि खगोलविद के लिए इन ब्लैक होल का पता लगाना कुछ ऐसा ही है मानों वे ऐसे लोगों को देखें जिनका आकार नौ फुट हो और उन्होंने पहले ऐसे लोगों की जीवाश्मीकत हड्डियों को ही देखा हो।

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