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1885 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को देने को चिह्न्ति

ाल संसाधन विभाग के अनुरोध पर राज्य सरकार ने विभिन्न जिलों में 1885 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को देने के लिए चिह्न्ति कर ली है। इसके लिए कमिश्नरी एवं जिलों में भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया चल रही है। विभिन्न स्तरों पर मसौदे तैयार किये जा रहे हैं। विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार स्वर्ण रखा सहित विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं के लिए वन भूमि के बदले में वन मंत्रालय भारत सरकार ने भूमि की मांग की थी। जल संसाधन विभाग ने इसके एवज में 170 करोड़ रुपये भारत सरकार के कैंपा फंड में जमा कर दिया है। जल संसाधन विभाग के विशेष सचिव अजय रस्तोगी के अनुसार दो-तीन महीने में वन मंत्रालय को जमीन स्थानांतरण का काम पूरा हो जायेगा। उन्होंने बताया कि हस्तांतरण के मसौदे पर अंतिम रूप से डीसी एवं कमिश्नर से स्वीकृति मिलने के बाद भू राजस्व विभाग के माध्यम से प्रस्ताव कैबिनेट के पास भेजा जायेगा। जमीन स्थानांतरण के बाद स्वर्ण रखा बहुद्देशीय सिंचाई परियोजना सहित अन्य सिंचाई परियोजनाओं में वन भूमि का विवाद समाप्त हो जायेगा और सिंचाई परियोजना का रुका काम चालू हो जायेगा।ड्ढr सहकारी बैंकों के 78 कर्मी प्रशिक्षितड्ढr रांची। सहकारिता विभाग ने सहकारी बैंकों को व्यावसायिक बैंकों की तरह लाभकारी बनाने की पहल शुरू की है। इसके लिए जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के प्रबंधक, रोकड़पाल, लेखापाल एवं सहायक स्तर के 78 कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। सहकारिता प्रशिक्षण केंद्र, रांची में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर कारोबार बढ़ाने के लिए विकास योजना तैयार करने तथा प्रबंधकीय क्षमता बढ़ाने का प्रशिक्षण दिया गया। नाबार्ड, सहकारिता विभाग एवं अंकेक्षण विभाग के पदाधिकारियों ने प्रशिक्षणार्थियों को कई जानकारी दी। प्रशिक्षण केंद्र के प्राचार्य सुनील कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र दिया। झारखंड में आठ जिला केंद्रीय सहकारी बैंक हैं, जिनमें तीन बैंक ही लाभ में हैं।

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