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21 फरवरी, 2020|11:21|IST

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आपदा कोष में कामगारों के पड़े हैं 3.59 करोड़

ोल इंडिया और उसकी सहायक कंपनियों के प्राकृतिक आपदा कोष में कामगारों के करीब 3.5रोड़ रुपये पड़े हैं। इसे संचालित करने के लिए एक ट्रस्ट बनाया जाना है। इसके लिए सभी श्रमिक संगठनों को प्रतिनिधि नामित करना है। अब तक सीटू और बीएमएस ने प्रतिनिधियों के नाम नहीं भेजे हैं। आरटीआइ के तहत कोयला उद्योग कामगार संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन सिंह चावला को यह जानकारी दी गयी है। जनवरी 2003 से इस कोष के लिए कामगारों के वेतन से प्रति माह दो रुपये काटने का निर्णय हुआ। जन सूचना पदाधिकारी डब्ल्यू नसीम हैदर के अनुसार 31 मार्च 07 तक इस मद में इसीएल में 5273742, बीसीसीएल में 3687000, सीसीएल में 7124026, डब्ल्यूसीएल में 7431000, एसइसीएल में 8800000, एमसीएल में 12606, एनसीएल में 1643588, सीएमपीडीआइ में 20एनइसी में 32एवं कोल इंडिया में 81000 रुपये हैं। इसके संचालन के लिए ट्रस्ट बनाने का निर्णय 20 मई 06 को हुई स्टेडड्राक्षेशन कमेटी की बैठक में हुआ। इस आलोक में कोल इंडिया ने मार्च 07 में सभी संगठनों को प्रतिनिधि नामित करने के लिए पत्र भेजा। कमेटी की 28 जून 07 को हुई बैठक में मात्र इंटक, एटक और एचएमएस ने प्रतिनिधियों के नाम भेजे। दिलचस्प यह है कि नाम नहीं भेजने वाले संगठनों के प्रतिनिधि ही कंपनी की जेसीसी की बैठक में इस मद की राशि की बंदरबाट की बात उठाते रहे हैं।ड्ढr लड़ाई का बिगुल फूंकेंगे बाबूलालड्ढr रांची। द झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के अध्यक्ष सह पूर्व सीएम बाबूलाल मरांडी 10 साल के वेतन समझौते के पक्ष में दो दिसंबर को लड़ाई का बिगुल फूकेंगे। इसके लिए बरकाकाना स्थित सेंट्रल वर्कशॉप में आम सभा आहूत की गयी है। सोमवार को विभिन्न कंपनियों से श्रमिक संगठन के प्रतिनिधि इसकी रणनीति तैयार करने के लिए जुट रहे हैं। इस मुद्दे पर उनकी यूनियन कोल इंडिया चेयरमैन पार्थ भट्टाचार्य से भी बात कर चुकी है। उन्हें कामगारों की भावना से अवगत भी कराया है। उनकी कद्र नहीं होने पर गंभीर परिणाम होने का संकेत भी दिया है।

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