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सरकार प्रोत्साहन पैकेज देने में असमर्थ: प्रणब

सरकार प्रोत्साहन पैकेज देने में असमर्थ: प्रणब

आर्थिक वृद्धि को गति देने के लिये सरकार ने 2008-09 की तर्ज पर इस समय किसी प्रकार का वित्तीय प्रोत्साहन देने में असमर्थता जतायी है जबकि नरमी के चलते चालू वित्त वर्ष में आर्थिक वृद्धि दर गिर कर 7.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट को संबोधित करते हुए कहा वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वास्तव में मैं 2008-09 की तर्ज पर वित्तीय प्रोत्साह देने की स्थिति में नहीं हूं, लेकिन कुछ नीतियों से स्थिति में सुधार हो सकता है, इस संबंध में थोड़ा-बहुत हम कुछ कर रहे हैं।

मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के मद्देनजर मुखर्जी ने कहा कि वित्त वर्ष 2011-12 में आर्थिक वृद्धि कम होकर 7.5 प्रतिशत रहेगी जो इससे पूर्व वित्त वर्ष में 8.5 प्रतिशत थी।

वित्त मंत्री ने 2011-12 के बजट में आर्थिक वद्धि दर नौ प्रतिशत (चौथाई फीसदी ऊपर या नीचे) ऊपर रहने का अनुमान लगाया था। वित्त मंत्री ने कहा कि हम यह नहीं उम्मीद कर सकते कि एक झटके में नौ प्रतिशत की ऊंची वृद्धि दर पर पहुंच जाएंगे। हमें इस साल कम वृद्धि दर पर संतोष करना होगा। अगले साल हम वृद्धि दर के आंकड़े को सुधारने का प्रयास करेंगे।

वैश्विक वित्तीय संकट के प्रभाव से भारतीय उद्योग को राहत देने के मकसद से सरकार ने 2008-09 में 1.84 लाख करोड़ रुपये का तीन प्रोत्साहन पैकेज दिया था। मुखर्जी ने कहा कि प्रोत्साहन पैकेज के कारण घरेलू मांग बढ़ी तथा 2008-09 में आर्थिक वृद्धि 6.8 प्रतिशत रही।

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