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नए हालात से निपटने में जुटा पाकिस्ताान

मुंबई हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के संबंधों पर पड़ने वाले संभावित असर के मद्देनजर राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी तनाव दूर करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने सोमवार को सभी राजनीतिक दलों के प्रमुखों की बैठक बुलाई है, जिसमें इस बात पर आम सहमति कामय की जाएगी कि यदि मौजूदा परिस्थितियों में हालात बदतर हो जाते है तो क्या कदम उठाए जाए? स्थानीय मीडिया के अनुसार भारत से परेशान करने वाले संकेत आ रहे हैं तथा इस बात की पूरी संभावना है कि भारत सरकार सभी संभव कदमों पर विचार-विमर्श कर इन मुद्दांे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश करेगी। जरदारी और गिलानी विपक्ष के मुख्य नेता नवाज शरीफ समेत बड़ी संख्या में राजनेताआें का समर्थन हासिल करने में सफल रहे हैं। मीडिया की खबरों के अनुसार जरदारी ने पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए दुनिया के कई नेताआें के साथ संपर्क किया है। राष्ट्रपति ने इन नेताआें से कहा है कि वे भारत को समझाएं कि आरंभिक जांच पूरी हुए बिना इन हमलों के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराना उसके लिए आत्मघाती साबित हो सकता है। द डॉन की खबर में बताया गया है कि पहला संतोषजनक समाचार सशस्त्र सेनाआें की आेर से आया है। सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि सीमा पर भारतीय सेना की कोई हलचल नहीं देखी गई। कुछ टेलीविजन चैनलों ने इंटरसर्विस जनसंपर्क विभाग के प्रमुख ने मेजर जनरल अख्तर अब्बास के हवाले से कहा है कि सेना आत्मरक्षा करने तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने में पूरी तरह सक्षम है। ड्ढr अब्बास ने कहा कि उन्हें मीडिया की रिपोर्टों से पता लगा है कि संघर्ष विराम स्थगित कर भारतीय सीमा पर सेना की हलचल देखी गई। लेकिन आधिकारिक सूचनाआें में इस तरह कोई खबर नहीं है। राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई, फ्रांस के राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी और ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड मिलिबैंड से बातचीत कर स्थिति सामान्य करने में हस्तक्षेप करने को कहा है। एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में इस्लामी समुदाय के आध्यात्मिक नेता पिं्रस करीम आगा खान इस्लामाबाद पहुंच गए हैं तथा जरदारी और सेना प्रमुख जनरल अशफाक कयानी से मुलाकात करेंगे। इस बीच पाकिस्तान मुस्लिम लीग के प्रमुख नवाज ने सरकार को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया है। उधर भारत और पाकिस्तान के बीच फिर उपजे तनाव के कारण सीमापार की गोलाबारी से सीमावर्ती इलाकों में अनिश्चितता का माहौल व्याप्त हो गया है। सीमावर्ती इलाकों के लोगों ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में खटास आए बगैर आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास किए जाएं इसके वास्ते वे लोग प्रार्थनाएं कर रहे हैं। यह इलाका तीन तरफ से पाकिस्तानी सैनिकों के सीधे निशाने पर आता है। करनाह विधानसभा क्षेत्र में आने वाले तंगधार में रविवार को 7प्रतिशत मतदान हुआ था। यहां के निवासियों ने कहा कि वे फिर से पाकिस्तानी सैनिकों की गोलाबारी का सामना नहीं करना चाहते।

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