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महापर्व का महामंथन

आम चुनावों के खत्म होने के बाद दो दिन से दम साधे देश को शनिवार का बेसब्री से इंतजार है जब लोकतंत्र का जादुई पिटारा खुलेगा और नतीजे आने के साथ ही 15वीं लोकसभा तथा तीन राज्यों की विधानसभाओं की सही तस्वीर सबके सामने होगी। मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी और मतगणना केंद्रो पर उम्मीदवारों के एजेंट इस प्रक्रिया कोदेख सकेंगे। हर टेबल पर एक माइक्रो पर्यवेक्षक होगा और पूरी मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। पूर 543 लोकसभा क्षेत्रों में सुबह आठ बजे से ही 60 हाार कर्मचारी मतगणना कार्यो में लग जाएंगे। उम्मीद है कि दोपहर दो बजे तक देशभर के चुनाव परिणाम स्पष्ट हो जाएंगे।ड्ढr ड्ढr इस बीच ईवीएम से जीत और हार के नतीजे बाहर निकलने से पहले सरकार बनान के लिए आवश्यक 272 के जादुई आंकड़े को छून की विभिन्न पार्टियों की कोशिशें शुक्रवार को जारी रहीं। टेलीफोनिक संपर्क, मुलाकातों और पासा फेंक बयानों का सिलसिला ताबड़तोड़ जारी रहा। शुक्रवार को राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख अजीत सिंह ने लालकृष्ण आडवाणी के घर जाकर भाजपा के नेताओं से मुलाकात की। इनेलोद प्रमुख और राजग के साझेदार ओमप्रकाश चौटाला भी दिन में आडवाणी के घर जाकर उनसे मिले। दोनों के बीच बातचीत के दौरान सुषमा स्वराज भी मौजूद थीं।ड्ढr उधर सपा महासचिव अमर सिंह ने विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की। अमर और मुखर्जी के बीच बातचीत ऐसे समय हुई है जब कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भी सपा महासचिव के साथ रिश्तों में दोबारा गर्मजोशी लाना चाहा है। अमर ने कहा कि उनकी पार्टी का भाजपा के साथ नाता कायम हो सकता है बशर्ते भाजपा राम मंदिर मुद्दा और संविधान के अनुच्छेद 370 के उन्मूलन की बात छोड़ दे। श्री सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी के दरवाजे बसपा के अलावा हर एक के लिए खुले हुए हैं।ड्ढr ड्ढr उधर बसपा महासचिव सतीश मिश्रा ने प्रकाश करात से मुलाकात कर गैर कांग्रेस, गैर भाजपा गठबंधन सरकार बनाने की रणनीति पर विचार विमर्श किया। उन्होंने करीब 45 मिनट तक करात से बात की।ड्ढr इस बीच बसपा ने इस बात से साफ इंकार किया कि केन्द्र में सरकार के गठन के लिए पार्टी संप्रग या राजग में शामिल दलों से बात कर रही है। बसपा के बिना हस्ताक्षर के जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी किसी भी दल से सरकार बनाने के बारे में कोई बातचीत नहीं कर रही है और मीडिया में आई यह खबर बेबुनियाद और शरारतपूर्ण है। माकपा के सीताराम येचुरी ने कहा कि सरकार बनान के लिए वाम दलों पर किसी दल की ओर स कोई दबाव नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या संभावित धर्मनिरपेक्ष मोर्चे की ओर से प्रधानमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को वाम दल समर्थन देंगे, येचुरी न कहा कि नतीजे आने दीजिए सब पता चल जाएगा।ड्ढr ड्ढr उधर भाकपा के एबी बर्धन ने कहा कि देश का प्रधानमंत्री कौन होगा इसका फैसला 18 मई के बाद तीसरा मोर्चा करगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी प्रधानमंत्री हो सकते हैं।ड्ढr दूसरी ओर सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के 16 मई से पहले सरकार बनाने के मामले में किसी से भी बातचीत नहीं करने की घोषणा के बावजूद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि केन्द्र में संभावित संप्रग की सरकार में शामिल होने के लिए सपा नेताओं से बातचीत चल रही है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि बसपा के साथ कोई बातचीत चल रही है।उधर राकांपा महासचिव तथा केन्द्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि धर्मनिरपेक्ष और समान विचार वाले दलों को एकजुट होकर संप्रग के नेतृत्व में नई सरकार का गठन करना चाहिए और इस संदर्भ में कांग्रेस सभी दलों के साथ सम्पर्क में है। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षड्ढr और प्रगतिशील सरकार के गठन की दिशा में राकांपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार अपने स्तर पर भी घटक दलों के अतिरिक्त नए दलों से सम्पर्क में हैं।ं

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