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भारत बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त

भारत बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त

खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के विरोध में व्यापारियों की ओर से भारत बंद के मद्देनजर पूरे देश में कहीं मामूली तो कहीं व्यापक असर देखने को मिला। राजधानी दिल्ली, कोलकाता, मुंबई समेत सभी राज्यों में दुकानें बंद देखीं गईं।

व्यापारियों के इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा भी शामिल है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में कम से कम 20 स्थानों पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुतले फूंके।

दिल्ली
कंफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के दिल्ली इकाई के अध्यक्ष नरेंद्र मदन ने कहा कि बंद में हिस्सा लेने के लिए बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखी हैं। उन्होंने दावा किया कि सदर बाजार, कमला नगर, चावड़ी बाजार, करोल बाग, कश्मीरी गेट, तिलक नगर, रोहिणी, कृष्ण नगर और अन्य थोक और खुदरा बाजार बंद हैं।

सीएआईटी के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि खुदरा क्षेत्र में एफडीआई के सरकार के निर्णय के खिलाफ आहूत इस बंद में पूरे देश के व्यापारी हिस्सा ले रहे हैं।

राजस्थान
खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मसले पर भारत बंद के तहत राजस्थान में मिलाजुला असर रहा। खुदरा व्यापारियों ने सरकार के फैसले का विरोध करते हुए राजधानी जयपुर के वैशाली में स्थित कार्फुर मॉल के बाहर प्रदर्शन किया।

बिहार
बंद का बिहार में मिलाजुला असर देखने को मिला, जिसमें ज्यादातर प्रमुख बाजारों में दुकानें खुली रहीं। हालांकि, बंद के मद्देनजर कई निजी स्कूल ऐहतियात के तौर पर बंद रहे। बिहार में सत्तारूढ राजग ने बंद का समर्थन किया है, जबकि कांग्रेस और लोजपा इस बंद के खिलाफ हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि वह बिहार में बहुब्रांड खुदरा क्षेत्र में 51 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति नहीं देंगे।

ओडिशा
ओडिशा के व्यापारियों ने देशव्यापी बंद के आह्वान पर अपनी दुकानें बंद रखी। राजधानी भुवनेश्वर, कटक, बरहामपुर, संबलपुर, राउरकेला और बालेश्वर सहित कई स्थानों पर बंद के चलते कारोबारी गतिविधियां प्रभावित हुईं। इस बंद का विभिन्न राजनीतिक दलों और ट्रेड यूनियनों ने समर्थन किया है।

भाजपा के व्यापारी प्रकोष्ठ ने भी बंद का समर्थन करते हुए राज्य के व्यापारिक प्रतिष्ठानों को इस बंद में हिस्सा लेने को कहा।

कर्नाटक
कर्नाटक में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और खुदरा क्षेत्र में एफडीआई की अनुमति देने के केन्द्र के निर्णय का विरोध किया। शहर में प्रमुख व्यापारिक केन्द्रों पर दुकानें बंद रहीं। फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने अपने कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया, जिसमें कई व्यापारियों ने हिस्सा लिया। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भी बंद का असर रहा।

महाराष्ट्र
बंद का असर मुंबई में व्यापक तौर पर देखा गया। बद में मुंबई के एक लाख से ज्यादा थोक विक्रेता, खुदरा व्यवसायी व छोटे व्यवसायी भी शामिल हुए।

महाराष्ट्र के ठाणे, पुणे, औरंगाबाद, नाशिक, नागपुर व अन्य बड़े शहरों में भी खुदरा व्यवसायियों ने अपनी दुकानें व व्यवसायिक प्रतिष्ठान नहीं खोले हैं। राज्य एवं केंद्र के सभी विपक्षी दलों ने बंद का समर्थन किया है।

मध्यप्रदेश
मध्य प्रदेश में बंद से कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहा लेकिन स्कूल, कॉलेज खुले रहे। नगर परिवहन सहित आवश्यक सेवाएं सामान्य रहीं। भारत बंद के आह्वान को प्रदेश के तमाम व्यापारिक संगठनों का समर्थन मिला है। राजधानी भोपाल सहित राज्य के सभी स्थानों पर कारोबार पूरी तरह ठप रहा।

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