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अलग होने का फैसला पेस का था : भूपति

अलग होने का फैसला पेस का था : भूपति

भारत के स्टार टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति का दावा है कि अलग होने का फैसला लिएंडर पेस का था क्योंकि उनका मानना है कि वे साथ खेलने के लिए बहुत उम्रदराज हैं और स्थायी आधार पर एकजुट नहीं हो पा रहे।
     
भूपति ने कहा कि हर किसी की अपनी राय होती है। लिएंडर का मानना है कि हम टूर पर साथ खेलने के लिए बहुत उम्रदराज हैं और स्थायी आधार पर एकजुट नहीं हो पा रहे। उसका मानना है कि हमारी टीम को युवा जोड़ीदारों की जरूरत है। दुर्भाग्य की बात है कि यही लब्बोलुआब है।
     
भूपति और पेस नौ साल बाद एकजुट हुए थे और उनका इरादा अगले साल ओलंपिक में साथ खेलने का था लेकिन वे इस सत्र के आखिर में अलग हो गए। भूपति अब रोहन बोपन्ना के साथ खेलेंगे और पेस चेक गणराज्य के राडेक स्टीपानेक को जोड़ीदार बनायेंगे।

भूपति ने कहा कि अतीत की तरह दोनों के बीच कोई मतभेद नहीं हुआ है लेकिन उन्होंने कहा कि इस अलगाव को समझा पाना उनके लिए मुश्किल है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए इस फैसले को समझा पाना मुश्किल है। यह मेरा फैसला नहीं है। जब हमने पिछले साल साथ खेलना शुरू किया तो ओलंपिक, ऑस्ट्रेलिया और विश्व चैम्पियनशिप लक्ष्य था।
    
उन्होंने सीएनएन आईबीएन से कहा कि लेकिन जैसा कि मैंने कहा कि लिएंडर की राय अलग थी और मैं इसका सम्मान करता हूं। हम पेशेवर है। हम दोनों को खेलना और जीतना पसंद है।

भूपति ने कहा कि उनके दिल में एक दूसरे के लिए कोई कड़वाहट नहीं है। उन्होंने कहा कि शंघाई से लौटने के बाद हमने बात की और उसके बाद से हम अच्छा खेल रहे थे। कोई कड़वाहट नहीं है। उसकी अपनी राय है और मैं उसका सम्मान करता हूं। इसकी वजह से अब अगले साल हम नए जोड़ीदारों के साथ खेलेंगे।
    
उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इससे भारत की पदक जीतने की उम्मीदों पर असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि मेरा मानना है कि ओलंपिक से बढ़कर कुछ नहीं और उसके लिए अच्छी तैयारी की जरूरत है क्योंकि ओलंपिक पदक जीतना बहुत कठिन है। जैसा कि मैंने कहा है कि हमें देखना है कि क्या होता है। भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम ही खेलेगी।
     
भूपति ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि ओलंपिक से पहले उनके और पेस के साथ खेलने की कोई संभावना है या नहीं। उन्होंने कहा कि आप भी भारतीय टेनिस प्रबंधन की तरह कन्फ्यूज लग रहे हैं। ओलंपिक में अभी सात महीने हैं। उससे पहले बहुत सारे मैच जीतने हैं। भारतीय टेनिस के लिए अच्छी बात यह है कि हमारे पास अब तीन विकल्प है। मुझे यकीन है कि भारत की सर्वश्रेष्ठ टीम ओलंपिक में खेलेगी।
     
उन्होंने कहा कि जिंदगी में किसी चीज की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन हकीकत यह है कि मैं अगले साल रोहन के साथ खेलूंगा और चेन्नई ओपन से पहले हमें काफी अभ्यास करना है।

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