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रॉ ने दी थी मुंबई में हमले की चेतावनी

इस समय जब मुंबई में आतंकी हमलों में खुफिया सूचनाओं की असफलता के बार में जांच चल रही है, इस बात के पक्के सबूत हैं कि इस बार में समग्र महत्वपूर्ण सूचनाएं एकत्रित की गईं, उन्हें या तो ठीक से समझा नहीं गया या उन पर ध्यान नहीं दिया गया। भारत की बाहरी खुफिया एजेंसी अनुसंधान एवं विश्लेषण विंग (रॉ) ने पिछले तीन महीनों में खुफिया सिग्नल से मिले संदेशों की जानकारी उपलब्ध कराई थी। रॉ ने बताया था कि जल्द ही मुंबई के होटलों पर आतंकी हमला होने वाला है। लेकिन इस सूचना को पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया गया। गत 18 सितम्बर को रॉ के कम्प्यूटर ने एक सेटेलाइट फोन बातचीत को पकड़ा। यह बातचीत लश्कर-ए-तैयबा के आका और एक अज्ञात व्यक्ित के बीच हो रही थी। लश्कर आका ने कहा कि गेटवे ऑफ इंडिया के पास के होटलों पर हमले की योजना बनाई गई है और इसमें समुद्री रास्ते का उपयोग किया जाएगा। 24 सितम्बर को रॉ के कम्प्यूटर ने एक और सेटेलाइट फोन बातचीत को पकड़ा। इस बार लश्कर के आका ने हमला किए जानेवाले होटल का नाम भी लिया। ये होटल थे- ताज, मैरिएट, लैंड्स इंड ओर सी रॉक। इसमें जूहू स्थित एयरफील्ड (फ्लाईंग क्लब के लिए उपयोगी) पर भी हमले के बार में चर्चा गई। सभी होटलों में एक बात समान है, इन सब में समुद्र के रास्ते घुसना आसान है। इससे पुलिस को तो तुरंत यह समझ लेना चाहिए था कि निशाने पर होटल थे। हमलावर समुद्री रास्ते को प्रयोग करने वाले थे। 1नवंबर को रॉ ने इस अस्पष्ट सेटेलाइट फोन बातचीत को पकड़ा था, जिसमें एक ओर से कहा गया, ‘हमलोग नौ से ग्यारह के बीच मुंबई पहुंच जाएंगे।’ रॉ ने इन संदेशों में निहित सूचनाओं को तत्काल राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार द्वारा नियंत्रित केंद्रीकृत खुफिया समूह को भेज दिया। रॉ के अधिकारी कहते हैं कि रॉ का काम यहीं खत्म हो गया क्योंकि भारतीय भूमि पर आगे कार्रवाई करने का उसे अधिकार नहीं मिला हुआ है। इस अखबार की ओर से नारायणन को बार-बार फोन किया गया लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव ही नहीं किया। 26 नवंबर को घटना से कुछ घंटे पहले रॉ के ट्रैकरों ने लश्कर के मुजाम्मिल और एक बांग्लादेशी फोन नंबर के बीच की बातचीत को पकड़ा। उसने कहा कि ऑपरशन के लिए पांच सिम कार्ड की जरूरत होगी। इसमें एक थ्योरी सामने आई है कि लश्कर आका इस डर से सीधे मुंबई में अपने गुर्गों को फोन करने से बच रहा था कि कहीं इससे भेद न खुल जाए। बांग्लादेश का नंबर या तो रिले स्टेशन होगा जिससे मुंबई को कॉल फारवर्ड किया गया, या फिर लश्कर बांग्लादेशी मध्यस्थों के माध्यम से इसे मुंबई के सेल पर यह संदेश भेज रहा था। रॉ के संदेशों में आए हमलों के खुलासे पर सरकार की कार्रवाई पर सवालिया निशान लग गए हैं। खासकर, जब ये खुफिया संदेश साफ तौर पर बता रहे हैं कि, मुंबई के होटल निशाने पर हैं, समुद्री रास्ते का उपयोग किया जाएगा और हमला जल्दी ही होनेवाला है।

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  • Web Title: रॉ ने दी थी मुंबई में हमले की चेतावनी