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विजेन्दर के बिना मास्को जाएगी बॉक्िसंग टीम

ओलंपिक का धूम-धड़ाका थम गया। बीजिंग में भारतीय मुक्केबाजी को एक अलग पहचान मिली। यह पहचान दिलाई भारत के स्टार मुक्केबाजों विजेन्दर, अखिल और जितेन्दर ने। कांस्य जीत इतिहास बना विजेन्दर तो स्टार हो गए। अखिल और जितेन्दर ने भी क्वार्टर फाइनल तक का सफर पूरा कर दुनिया को चौंका दिया। ओलंपिक के स्टार मुक्केबाजों का मेला लगेगा अब मास्को में। यहां विश्व चैंपियनशिप का आयोजन 10 दिसम्बर से होना है। इसमें बीजिंग ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। इसमें बीजिंग ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे मुक्केबाज हिस्सा ले रहे हैं। हां, जो मुक्केबाज इसमें हिस्सा नहीं ले सकेंगे उनके स्थान पर अन्य मुक्केबाजों को वाइल्ड कार्ड एंट्री दी जाएगी। विजेन्दर तो ओलंपिक के बाद की चकाचौंध में खो गए। हां, अखिल और जितेन्दर पूरी तैयारी के साथ विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इनके अलावा ए.एल. लाकरा और दिनेश कुमार को वाइल्ड कार्ड एंट्री मिली है। इस तरह हमार चार मुक्केबाज इस चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे हैं। कोच संधू कहते हैं, ‘मेर लिए तो सब बराबर हैं। मुझे तो सभी से उम्मीद है कि मैडल लेकर आएंगे। चारों में जज्बा है। हां, इतना जरूर कहूंगा कि ओलंपिक जसी तैयारियां नहीं हुई हैं। ओलंपिक जाने से पहले हमने लम्बे-लम्बे कैम्प लगाए थे। यहां हमें प्रैक्िटस का ज्यादा मौका नहीं मिला। फिर भी उम्मीद यही है कि खाली हाथ नहीं लौटेंगे।’ करनैल सिंह स्टेडियम के बॉक्िसंग हॉल में प्रैक्िटस करते अखिल का उत्साह वैसा ही है जसा ओलंपिक के समय था। कहा, ‘उस समय शायद मैं भगवान को ज्यादा मक्खन नहीं लगा सका था। इस बार मैंने इसमें भी कसर नहीं छोड़ी है। हां, मेहनत में मैंने न तब कोई कमी की थी और न ही इस बार। मैडल की हरसंभव कोशिश होगी। मुकाबला यहां भी कड़ा होगा। हां, जो कमी बीजिंग में रह गई उसे यहां पूरा करने की कोशिश करूंगा। बाकी सब किस्मत पर।’ ओलंपिक के बाद अखिल और जितेन्दर का वेट भी काफी बढ़ गया था। यही कारण था कि वे पंद्रह दिन के लिए डरबन गए और वहां फिाियो हीथ मैथ्यू की देखरख में फिटनेस पर काम किया। मास्को के मौसम को देखते हुए टीम एक सप्ताह पहले ही वहां जा रही है। कोच कहते हैं, ‘वहां मौसम काफी ठंडा होगा। यही कारण है कि हमने एक सप्ताह पहले जाने के फैसला किया ताकि बॉक्सर मौसम के अनुकूल खुद को ढाल लें।’ टीम : जितेन्दर (51 किलो), अखिल (54 किलो), ए.एल. लाकरा (57 किलो) और दिनेश (81 किलो)। प्रमुख कोच : जी.एस. संधू, कोच : जयदेव बिष्ट। फिाियो : हीथ मैथ्यू। उधर बीजिंग ओलंपिक के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा और रल मंत्री लालू प्रसाद यादव दोनों ने ही मुक्केबाज अखिल और जितेन्दर से बड़े-बड़े वादे किए थे। हुड्डा ने जहां इन दोनों को डीएसपी बनाने का ऑफर दिया था तो लालू यादव ने दोनों को ग्रुप-बी में प्रोमोट करने की घोषणा की दी। लगभग चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो हरियाणा सरकार से ही इन दोनों को डीएसपी का नियुक्ित पत्र मिला और न ही रलवे ने ही इन्हें प्रोमोशन की चिट्ठी दी है। दोनों ही दिल में दर्द लिए मास्को में विश्व चैंपियनशिप में हिस्सा लेने जा रहे हैं। इसी उम्मीद से कि शायद वापस आने पर किस्मत पलटे। कोच संधू ने इतना जरूर कहा कि इन दोनों की प्रोमोशन के लिए बात हुई है और जल्द ही दोनों को प्रोमोट कर दिया जाएगा।

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