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हम तुम्हें यूं भुला न पायेंगे

हाथों में कैंडिल, आंखों में पानी, हृदय में कृतज्ञता, जुबां पर प्रार्थना के स्वर और मन में एक संकल्प। सैकड़ों लोग राजधानी के सैनिक मार्केट परिसर में मंगलवार की शाम उन शहीदों को नमन करने एकत्र हुए, जिन्होंने वतन को महफूा रखने की खातिर खुद को कुर्बान कर दिया। लोग जुटे उन निर्दोषों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करने, जो मुंबई में आतंकियों के कायराना हमले में मार गये।ड्ढr ‘हिन्दुस्तान’ की पहल पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सह श्रद्धांजलि सभा में रांचीवासियों ने आतंक के खिलाफ जंग में शहीद हेमंत करकर, विजय सालस्कर, संदीप उन्नीकृष्णन, अशोक काम्टे, गजेंद्र सिंह सहित तमाम सपूतों-ाांबाजों को सम्मान के साथ याद किया, उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। रांची के होनहार बेटे मलयेश बनर्जी, गिरिडीह के प्रकाश मंडल सहित दहशतगर्दो की कायरतापूर्ण कार्रवाई के भेंट चढ़े निर्दोषों के परिानों के प्रति संवेदना जतायी। कामना की : ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे! शहीदों के चित्रों के आगे कैंडिल जलाते हुए लोग भावविह्वल हो गये। प्रार्थना सभा में यह समवेत भाव मुखरित हुआ : बहुत हुआ, हम अहले वतन और न जलने देंगे। हम आतंक के खिलाफ लड़ेंगे। दहशतगर्दी की कोशिश को नाकाम करंगे। रामकृष्ण मिशन के स्वामी शशांकानंद, हाजी गुलाम मुस्तफा, प्रो. हरमिंदर वीर सिंह, कार्डिनल टीपी टोप्पो के प्रतिनिधि आनंद डेविड, कर्नल आनंदभूषण, संत निरंकारी मंडल की रीता भाटिया सहित विभिन्न धर्म-समुदायों के प्रतिनिधियों ने कहा : आतंकियों की न तो कोई जात है, न मजहब। ये इंसानियत के दुश्मन हैं। अमन के शत्रु हैं। इनके खिलाफ हम एकाुट हों। ं

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