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और पहुंच गईं सायना टॉप टेन में

इसी साल अप्रैल में हैदराबाद में हुए इंडियन ओपन के दौरान सायना नेहवाल ने कहा था, मेरा अगला टारगेट साल के अंत तक विश्व रैंकिंग में टॉप-10 में पहुंचना है। और उन्होंने आखिरकार वो हासिल कर ही लिया। गुरुवार को वल्र्ड बैडमिंटन फेडरशन की जारी रैंकिंग में सायना 4वाइंट्स के साथ 10वीं रैंकिंग पर पहुंच गईं हैं। भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में पहला मौका है जब किसी महिला खिलाड़ी को विश्व रैंकिंग में टॉप-10 में जगह िमली हो। इससे पहले अपर्णा पोपट की बेस्ट रैंकिंग 16 रही थी। हैदराबाद में जब सायना को फोन किया तो जवाब नहीं मिला, पर थोड़ी ही देर में उन्होंने कॉल बैक किया। आवाज से एसी खुशी झलक रही थी मानो सार जहां की खुशियां मिल गई हों। उन्होंने कहा, साल के शुरू में मेरी रैंकिंग 33 पर थी। उसके बाद मैंने राोल्यूशन तय किया था कि दिसंबर के आखिरी तक टॉप-10 में जगह बनानी है। और भगवान का शुक्रिया अदा करती हूं कि मैं उस लक्ष्य को हासिल करने में सफल रही। अब अगले साल क्या? इस पर सायना ने कहा, मेरा लक्ष्य टॉप-5 का है। इसी के लिए अब मैं सुपर सीरीा के मुकाबलों पर ज्यादा ध्यान दे रही हूं और अगले साल जनवरी में मलयेशिया और कोरिया सुपर सीरीा की तैयारी में लगी हूं। साथ ही सायना ने कहा, अब अगर मैं सुपर सीरीा मास्टर्स फाइनल्स में भी नहीं खेल पाती तो कोई फर्क नहीं, मेरी लिए टॉप-10 में पहुंचना उससे भी बढ़कर उपलब्धि है। सायना ने अपनी इस कामयाबी का श्रेय जहां अपने कोच, माता-पिता और भगवान को दिया, वहीं कोच गोपी चंद ने इसके लिए उनकी प्रतिबद्धता और शानदार खेल को श्रेय दिया। गोपी चंद ने फोन पर कहा, बेशक देश के लिए ये एक बेहतरीन उपलब्धि है। इतनी कम उम्र में ही उन्होंने देश को ये एतिहासिक सम्मान दिलाया है, ये भारत के लिए बहुत बड़ी बात है। उन्होंने कहा, सायना की सबसे बड़ी खासियत ये है कि वो जो ठान लेती है, उसे जी-तोड़ मेहनत से हासिल करने में जमीन-आसमान एक कर देती है। यही वजह है कि उसने ये कारनामा करने में कामयाबी हासिल कर ली। कुल मिलाकर ये साल उसके लिए वाकई बहुत शानदार रहा। उम्मीद है कि अगले साल वह कामयाबी की और मंजिलें तय करगी।

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