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सांसद निधि से पैसा निकालना गलत नहीं

एमपी लैड योजना के लिए संचित निधि से पैसा निकालने में कोई अवैधनिकता नहीं है। अनुच्छेद 282 के तहत केंद्रीय योजना के लिए इस राशि का इस्तेमाल किया जा सकता है। सरकार हर वर्ष तय कानून के तहत योजना के लिए धन निकालती है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को यह जवाब गुरुवार को दिया। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ सांसद निधि को समाप्त करने संबंधी अर्जी पर विचार कर रही है। पीठ के पास ऐसे 14 मुद्दे हैं जिनमें नेताओं को राज्यपाल न बनाने का मुद्दा भी शामिल है। केंद्र की ओर से अतिरिक्त सालिसिटर जनरल मोहन परासरण ने सर्वाच्च अदालत को सौंपे लिखित जवाब में कहा कि एमपी लैड योजना राज्यों के अधिकारों में हस्तक्षेप नहीं करती बल्कि यह राज्य और अन्य स्थानीय निकायों की पूरक योजना की तरह काम करती है। इसकी पुष्टि इस बात से की जा सकती है कि किसी भी राज्य सरकार और स्थानीय निकाय ने इसका कभी विरोध नहीं किया। वास्तवकिता यह है कि इस योजना के लिए दिशानिर्देश स्थानीय निकाय ही बनाते हैं और वे ही इसे लागू करवाते हैं। योजना के विरोध को अनावश्यक बताते हुए परासरण ने कहा कि योजना शक्ित पृथककरण के सिद्धांत का उल्लंघन भी नहीं करती। हालांकि यह अलग बात है कि देश में शक्ित पृथकीकरण के सिद्धांतों का अक्षरश: पालन नहीं होता।

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