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शिवसेना व मनसे की मान्यता रद्द हो : दीपंकर

भाकपा माले के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग से शिवसेना एवं मनसे की मान्यता रद्द करने की मांग की है। गांधी मैदान सुपौल में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए महासचिव भट्टाचार्य ने कहा कि पूर देश में आज साम्प्रदायिक उन्माद फैला हुआ है। इसके लिए कौन दोषी है। सरकार ने अमेरिका से दोस्ती कर आतंकवाद को दावत दिया है। उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक संकट के लिए केन्द्र की यूपीए सरकार दोषी है। ये किसान और मजदूरों के लिए कार्य नहीं कर रही है, बल्कि अमीरों के लिए कार्य कर रही है।ड्ढr ड्ढr यह सरकार पूंजीपतियों की है। इसमें गरीबों और किसानों को कोई राहत नहीं मिलने वाला है। इसलिए वक्त आ गया है कि आने वाले समय में इसे उखाड़ फेंकने का। उन्होंने मुम्बई घटना पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच अभी जंग का वक्त नहीं है, बल्कि आपस में बातचीत की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जन एकता ने संकल्प लिया है कि 12 दिसम्बर को दिल्ली में संसद मार्च किया जायेगा। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए बाढ़ के लिए जिम्मेवार ठहराया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बिहार के अंदर लाल झंडा को बुलंद करं और संघर्ष के लिए आगे आयें।ड्ढr ड्ढr महासचिव श्री भट्टाचार्य ने कहा कि आतंकवाद एवं साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी। उन्होंने नीतीश, लालू, रामविलास एवं मोदी के कार्यकलापों की भी तीखी आलोचना करते हुए कहा कि नीतीश-मोदी के तीन साल के शासनकाल में कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। रोगार के लिए छात्रों और मजदूरों का पलायन जारी है। बिहार की स्थिति में रत्ती भर भी बदलाव नहीं आया है। सार कल-कारखाने बंद हैं। उद्योग के नाम पर किसानों से जमीन छीनने का कार्य नीतीश सरकार कर रही है। भूमि सुधार रिपोर्ट फाइलों में बंद है। सभा को राष्ट्रीय महासचिव (खेमस) धीरन्द्र झा, राज्य सचिव (खेमस) विद्यानंद विकल, पूर्व विधायक सत्यदेव राम आदि ने भी संबोधित किया।

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