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मंत्री एनोस और हरिनारायण के विरुद्ध बयान दर्ज कराया

निगरानी ने मंत्री हरिनारायण राय और एनोस एक्का के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति के मुकदमे के सूचक कुमार विनोद का बयान गुरुवार को दर्ज किया। कुमार विनोद देवघर के जसीडीह के रहनेवाले हैं। वह निगरानी के अधिकारियों के बुलावे पर रांची पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के सामने कहा कि लगाये गये आरोपों की बाबत सभी कागजात उपलब्ध करा देंगे। उन्होंने जो आरोप लगाये हैं, वे निराधार नहीं है। अनुसंधानक भोलानाथ सरकार और आइजी एमवी राव के समक्ष दिये बयान में उन्होंने कहा है कि कई अखबारों में मंत्रियों द्वारा अकूत संपत्ति अर्जित करने की खबरं छपीं। इसके बाद उन्होंने 23 जुलाई को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को सूचना अधिकार नियम के तहत आवेदन देकर कोड़ा मंत्रिमंडल के सभी मंत्रियों द्वारा वर्ष 2005 के विधानसभा चुनाव में दिये गये संपत्ति का ब्योरा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। निर्वाचन पदाधिकारी के जूनियर ऑफिसर ने यह जानकारी दी कि सार मंत्रियों की संपत्ति का ब्योरा इंटरनेट पर उपलब्ध है। कुमार ने निगरानी के अधिकारियों के समक्ष कहा कि इंटरनेट पर उपलब्ध ब्योर के अनुसार, चुनाव के वक्त हरिनारायण राय ने जमीन छोड़कर लगभग एक लाख 0 हजार की संपत्ति का विवरण दिया था। इस ब्योर के अनुसार एनोस एक्का एवं उनकी पत्नी के नाम से वर्ष 2005 में नौ लाख 10 हजार थे। इन मंत्रियों के वेतन के संबंध में जब जानकारी हासिल की गयी तो पता चला कि अब तक उन्हें 15 से 20 लाख का ही भुगतान किया गया है। कुमार ने कहा कि मंत्रियों की संपत्ति के बार में जानकारी ली गयी तो वह करोड़ों में निकली। कुमार ने निगरानी अफसरों के समक्ष स्वीकार किया कि कोर्ट में जो कागजात पेश किये गये हैं, उस पर उन्हीं के हस्ताक्षर हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि अनुसंधान के क्रम में उनसे जो भी कागजात मांगे जायेंगे वह उपलब्ध करायेंगे। कुमार विनोद ने मंत्री हरिनारायण राय और मंत्री एनोस एक्का के विरुद्ध लगाये गये आरोपों के संबंध में लिखित रूप से जानकारी दी है।ड्ढr निगरानी ने मंत्रियों से पूछा: अपनी संपत्ति बतायेंड्ढr निगरानी ब्यूरो ने मंत्रियों के विरुद्ध दर्ज मामले के अनुसंधान के क्रम में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये हैं। अनुसंधानक ने आरोप मंत्रियों को छह पृष्ठों का एक फार्म भेजा है, जिसे भर कर मंत्रियों को निगरानी ब्यूरो को सुपुर्द करना है। इसमें एमएलए बनने के पहले की संपत्ति, एमएलए बनने के बाद की संपत्ति, मंत्री बनने के बाद की संपत्ति का ब्योरा भरना होगा। साथ ही आय के स्रेत भी पूछे गये हैं कि अगर संपत्ति बनायी गयी है तो पैसा कहां से आया। साथ ही यह भी पूछा गया है कि उन्हें वेतन कितना मिला और खर्च कहां किये हैं। बच्चे हैं तो कहां पढ़ रहे हैं और उन पर कितना खर्च है।ड्ढr एमवी राव बोले, अंजाम तक पहुंचेगा मामला : निगरानी ब्यूरो के प्रभारी आइजी एमवी राव ने कहा कि यह मामला अंजाम तक पहुंचेगा। वे पूर मामले को देख रहे हैं और किसी तरह के दबाव में नहीं आयेंगे। उन्होंने इस कांड के अनुसंधानक भोला नाथ सरकार को कई निर्देश भी दिये। आइजी खुद उन भूखंडों को देखना चाहते हैं, जिसे मंत्रियों का बताया जा रहा है।

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