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संक्षिप्त खबरें

ाांच में सहयोग नहीं करगाड्ढr इंटर कॉलेज अब किसी भी विभागीय जांच में सहयोग नहीं करंगे। झारखंड इंटरमीडिएट शिक्षक शिक्षकेत्तर कर्मचारी महासंघ ने स्पष्ट कर दिया है अगर विभाग को जांच कराने है तो रो की किच-किच से अच्छा है एक बार रिटायर जज से जांच करा दी जाये। अब तक नौ बार जांच हो चुका है। जांच के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो गये हैं। विभाग को अगर पिछली जांच रिपोर्ट गलत प्रतीत होता है तो संबंधित जांच पदाधिकारी पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। महासंघ ने उपनिदेशक पीपी सिन्हा को बदलने की मांग भी की है।ड्ढr सर्वशिक्षा अभियान की समीक्षाड्ढr दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल में चल रहे सर्व शिक्षा अभियान की योजनाओं की समीक्षा चार दिसंबर को की गयी। प्रशासी पदाधिकारी एसएस दूबे ने जिलों से रिपोर्ट प्राप्त की। काम में गति लाने के अलावा समस्याओं को दूर करने के उपाए भी सुझायें। इसमें रांची, गुमला और सिमडेगा के डीएसइ पहुंचे थे।ड्ढr वीडियो कांफ्रेंसिंग आजड्ढr सर्व शिक्षा अभियान के बजट की तैयारी को लेकर पांच दिसंबर को वीडियो कांफ्रेंसिंग की जायेगी। सभी जिलों को बजट तैयार कर जल्द देने का भी निर्देश दिया जायेगा।ड्ढr सचिव-मंत्री की बात सच हुईड्ढr माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में काम नहीं के बराबर हो रहा है। अधिकारी फाइल पर कुंडली मार रहते हैं। यह बात कई बार विभागीय सचिव और मंत्री बंधु तिर्की ने खुले तौर पर कही है। सचिव ने मंत्री को लिखित रूप से निदेशालय में काम नहीं होने की शिकायत की है। सचिव ने अधिकारियों को हटाने की बात तक पत्र में कही है। एकेडमिक कौंसिल के मामले में भी यही हुआ। इंटर कॉलेज के पद सृजन का मामला भी विगत 11 महीने से एचआरडी में फंसा है। तमाम समस्याओं से जूझ रहे इंटर कॉलेज प्रबंधन काफी परशान हैं।ड्ढr इंटर कॉलेजों में किच-किचड्ढr परीक्षा शुल्क देने, नहीं देने को लेकर हर दिन छात्र और प्राचार्या के बीच किच-किच शुरू हो गयी है। कई प्राचार्यो ने तो विवाद के कारण कॉलेज जाना बंद कर दिया है। छात्रों का कहना है कि शुरुआत में उन्हें यह सूचना क्यों नहीं दी गयी कि यहां पढ़नेवाले छात्रों को परीक्षा शुल्क देना पड़ सकता है। ऐसी बात पता होती, तो वे लोग दूसर कॉलेज में अपना नामांकन कराते। प्राचार्य की सफाई को छात्र और उनके गार्जियन मानने को तैयार नहीं हैं।ड्ढr सात से कॉलेजों में ताला बंदड्ढr झारखंड इंटरमीडिएट शिक्षक-शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ ने कहा है कि हर दिन हो रही किच-किच और विभाग के उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण सात दिसंबर के बाद से इंटर कॉलेजों में ताला बंद कर दिया जायेगा। संरक्षक रघुनाथ सिंह ने कहा कि छात्रों के भविष्य की जिम्मेवारी सरकार पर होगी। हर रो फी नहीं देने की प्राचार्यो को धमकी मिल रही है।ड्ढr सुनवाई 1ोड्ढr पश्चिम सिंहभूम जिले के मौजा कोलायबुरू और समथा आयरन ओर माइंस के लिए सुनवाई 1दिसंबर को होगी। इसके लिए आवेदक कंपनियों से 14 दिसबंर तक जरूरी कागजात जमा करने का निर्देश खान निदेशक बीबी सिंह ने दी है।ं

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