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इस बार ईद खुतबा पर होगी आतंकवाद की निंदा

इस बार ईद-उल-जुहा के मौके पर देश भर के इमाम इस्लाम के शांतिवादी पक्ष से लोगों को अवगत कराते हुए आतंकवाद की निंदा करेंगे। इमामों ने बेगुनाहों की हत्या को जघन्य अपराध करार दिया है। ईद के मौके पर नमाज अदा किए जाने के बाद जो पाठ होता है उसे ईद खुतबा कहा जाता है। ईद खुतबा में आतंकवाद, प्रतिशोध की भावना, मजहबी नफरत जसी बुराइयों के खिलाफ संदेश दिया जाएगा। मुस्लिम समुदाय के लोग मंगलवार को ईद-उल-जुहा यानी बकरीद मनाएंगे। भारत के मुसलमानों ने आतंकवाद के शिकार लोगों के प्रति एकजुटता प्रकट करने के लिए इस मौके पर काली पट्टी बांधने का फैसला किया है। ऐतिहासिक फतेहपुरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती एम मुकर्रम अहमद ने कहा कि ईद के मौके पर हम कुरान के इस संदेश को फैलाएंगे कि इस्लाम बेगुनाहों की हत्या की इजाजत नहीं देता। मैंने लोगों से इस बार ईद सादगी से मनाने की अपील की है। कश्मीर में हजरतबल के इमाम मौलाना बशीर-उद-दीन फारूकी ने कहा कि इस्लाम एक ऐसा धर्म है जिसने लोगों के जीवन में क्रांति ला दी है। यह मजहब ‘जिआे और जीने दो’ की भावना को बढ़ावा देता है। यह धर्म इंसान, चाहे वह किसी भी धर्म का हो, की भावना और जरूरतों का ख्याल रखने का संदेश देता है। यह शांति का धर्म है।

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