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25 जनवरी, 2020|11:54|IST

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बचपन की मीठी यादें, जवानी का उत्साह

बचपन की मीठी यादें, जवानी का उत्साह और बुढ़ापा - जीवन के इन सभी लम्हों की यादें मनुष्य को क्या दे जाती है और क्या बताती हैं। इसका उल्लेख छात्रों ने अपनी कविता में की। चालीस मिनट के सीमित समय में छात्रों ने बचपन को शांत पवित्र और चंचल, युवावस्था को कुछ करने का समय बताया। बचपन कभी शांत है, तो कभी चंचल, इसे कुचलने मत दो, सपनों के बोझ से इसे दबने न दो, बल्कि इसे खुद ही खिलने दो। वही विनोबा भावे यूनिवर्सिटी की छात्रा वर्षा ने युवा को छंद लय नहीं, बल्कि साहस बताया। कल्याणी यूनिवर्सिटी के न्यूटन विश्वास ने युवाओं को आत्म चेतना जगाने का संदेश दिया। इसके अलावा प्रतियोगिता में आइएसएम यूनिवर्सिटी के सत्येन्द्र अग्रवाल, वर्षा सिन्हा वीबी यूनिवर्सिटी, अंजलि कुमारी बीआरए बिहार यूनिवर्सिटी, परणतोप चक्रवर्ती विश्व भारती यूनिवर्सिटी ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत की।ड्ढr रंगोली से दी श्रद्धांजलिड्ढr पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी रायपुर और अन्य यूनिवर्सिटी के छात्रों के सहयोग से मुंबई के आतंकी हमले में मार गये लोगों की याद में आकर्षक रंगोली बनायी गयी है। छह दिसंबर को यूथ फेस्ट के समापन समारोह के बाद मुंबई के मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी।ड्ढr

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  • Web Title: बचपन की मीठी यादें, जवानी का उत्साह