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मुंबई हमले खुफिया तंत्र की चूक

ेंद्रीय गृहमंत्री पी़ चिदंबरम ने शुक्रवार को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि मुंबई हमले खुफिया तंत्रों की नाकामी का परिणाम है और इस तरह की नाकामियों को दूर किया जाएगा। मुंबई में घटनास्थलों का दौरा करन के बाद चिदंबरम ने कहा-मैं सुरक्षा और खुफिया विफलता की बात को स्वीकारता हूं। गृहमंत्री ने बताया कि देश में अमेरिका के संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की तर्ज पर एक राष्ट्रीय स्तर की खुफिया इकाई स्थापित करन का प्रस्ताव है। चिदंबरम ने कहा कि तटीय सुरक्षा या अन्य में कुछ खामियां थीं जिन्हें दुरुस्त किए जान की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमला सिर्फ मुंबई में नहीं किया गया बल्कि यह हिंदुस्तान पर किया गया हमला है। चिदंबरम ताज, आबेरॉय-ट्राइडेंट होटल तथा छत्रपति शिवाजी टर्मिनश का भी दौरा किया। चिदंबरम हमले में घायल हुए लोगों से मिलने के लिए अस्पताल भी गए। उन्होंने कहा कि जिस तरह अमेरिका के लिए सबक था ठीक उसी तरह मुंबई हमला भारत के लिए एक सबक है।और अब समय आ चुका है कि पूरा विश्व एक होकर आतंकवाद का मुकाबला करें। चिदंबरम ने कहा कि मुंबई हमले की पूरी रिपोर्ट जल्द देश के सामने रखी जाएगी। इस बीच मलेशिया न कहा है कि अमेरिकी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) और ब्रिटेन की स्काटलैंड यार्ड ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके देश का मुंबई हमले से कोई संबंध नहीं है। मलेशिया के विदेश मंत्री रईस यातीम न कहा है कि इससे यह पुष्टि होती है कि पिछले महीने मुंबई हमले को अंजाम देने वाले बंदूकधारियों से मलेशिया का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने संसद में कहा-मीडिया में हमलों के जिन तथाकथित सबूतों को इस्लाम और मलेशिया से जोड़ा जा रहा है उन्हें साबित नहीं किया जा सकता है। इसलिए हमलों के साथ मलेशिया के संबंध के बारे में लगाए जा रहे आरोप और नहीं लगाए जाने चाहिये।

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