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अब बच्चेदानी को बचाना आसान: भोला

यौन मार्ग में एक जाली डालकर महिलाओं की बच्चेदानी और मूत्राशय बाहर निकलने की समस्या का इलाज किया जा सकता है। अब इन अंगों को ऑपरशन कर शरीर से बाहर करने की आवश्यकता नहीं है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसंधान से इस प्रकार का इलाज संभव हो गया है। शुक्रवार से शुरू हुए बिहार आब्सटेट्रिक एण्ड गायनेकोलॉजिकल सोसायटी के तीन दिवसीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने ये बातें बतायी। मुम्बई के डा.अजीत बिरकुड ने बच्चेदानी की शिकायत से पीड़ित चार महिलाओं की लाइव सर्जरी पीएमसीएच में की जिसका सीधा प्रसारण किया गया। वैज्ञानिक सत्र का उद्घाटन नगर विकास मंत्री भोला सिंह ने की। वैज्ञानिक सत्र में प्रसिद्ध मूत्र रोग विशेषज्ञ डा.अजय कुमार ने बताया कि मूत्र तंत्र के इलाज में होनेवाले ऑपरशन के दौरान अनचाही इंजूरी हो जाती है। मुम्बई के डा.अजित वाजे ने बताया कि मासिक धर्म बन्द होने के बाद 30 फीसदी महिलाओं में बच्चेदानी, मूत्राशय और गर्भाशय बाहर निकलने की समस्या होती है। ऐसी समस्या का 0-प्रतिशत इलाज संभव है। यौन मार्ग में एक झिल्लीदार पट्टी डालकर इस समस्या से निजात दिलाया जा सकता है। लखनऊ के डा.राकेश कूपर का कहना था कि बच्चेदानी के इलाज की पूरी सोच बदल गयी है। उन्होंने वीडियो के माध्यम से जानकारी दी। आयोजन समिति की अध्यक्ष डा.शांति एच.के.सिंह व सचिव डा.रीता सिन्हा ने बताया कि कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों की अध्यक्षता डा.मंजू गीता मिश्रा, डा.शीला शर्मा, डा.विरन्द्र किशोर, डा.महेन्द्र कुमार, डा.अमरन्द्र कुमार और डा.अनिता सिंह ने की। सीएमई का संचालन डा.चित्रा सिन्हा और डा.आभा रानी सिन्हा ने किया। सम्मेलन में डा.शारदा सहाय, डा.अलका पाण्डेय, डा.प्रमीला मोदी, डा.सुप्रिया जायसवाल, डा.वरुण कला सिन्हा, डा.के.जी.कपूर, डा. पुष्पा राय, डा.राजकुमारी, डा.हिमांशु राय, डा.रीता चौधरी सहित 500 महिला रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया।

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