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नहीं पता था, यहां मेरे इतने प्रशंसक हैं : दिएगो

इतिहास के महानतम फुटबॉलरों में शामिल दिएगो माराडोना का फुटबॉल के दीवानों के इस शहर में एसा यादगारह स्वागत हुआ जिसे वे संभवत: लंबे समय तक याद रखेंगे। शनिवार को यहां पहुंचने के बाद दक्षिण 24 परगना के महेशतला में इंडियन फुटबॉल स्कूल की आधारशिला रखने के अवसर पर मौजूद हाारों की संख्या में फुटबॉल प्रेमी उनका हाथ हिला कर अभिवादन कर रहे थे। अपने प्रशंसकों के अपाह जनसमूह को देख कर वे आश्चर्यचकित रह गए। 48 वर्षीय माराडोना ने कहा कि उन्हें उम्मीद भी नहीं थी कि उनके दो दिन के दौरे पर उनका एसा स्वागत किया जाएगा। दिएगो, दिएगो की कान फाडूं आवाज के बीच उन्होंने कहा, मुझे पता नहीं था कि दक्षिण अमेरिका से हाारों किलोमीटर दूर दुनिया के इस भाग में फुटबॉल के प्रति लोगों की ैसी दीवानगी है। मुझे नहीं पता था कि मेर हाारों प्रशंसक यहां भी मौजूद हैं। माराडोना अपनी गर्लफ्रेंड वेरोनिका के साथ रात 01.30 बजे नेताजी सुभाष अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। वहां उनके स्वागत के लिए झंडे लहराते प्रशंसकों के अलावा पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री सुभाष चक्रवर्ती भी मौजूद थे। चार विश्व कप में हिस्सा ले चुके और 1में अर्जेटीना को विश्व खिताब दिलाने वाले माराडोना को हवाई अड्डे से बड़ी खिड़कियों वाली एक बस पर होटल ले जाया गया। 36 घंटों के लंबे सफर के बावजूद तरोताजा दिखाई दे रहे माराडोना ने हाथ हिला कर अपने प्रशंसकों का अभिवादन किया। सड़क के दोनों तरफ माराडोना के हाारों प्रशंसकों की लंबी कतार थी जो सफेद और आसमानी रंग के अर्जेन्टीना के झंडे और गुब्बारे लहरा रहे थे। रास्ते में कुछ जगह बनाए गए मंचों पर लोग नाच और गा रहे थे। मिट्टी के दीप लिए महिलाओं ने शंख बजा कर माराडोना का स्वागत किया। हवाई अड्डे से होटल तक किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों समेत लगभग 5,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। माराडोना के प्रशंसक रात नौ बजे से ही हवाई अड्डे पर जमा होने लगे थे। उनका विमान जैसे ही उतरा बेकाबू प्रशंसकों में से कई ने पुलिस के अवरोधक तक तोड़ डाले। माराडोना मिशनरीज ऑफ चैरिटी के मुख्यालय जाएंगे और ज्योति बसु से भी मिलेंगे। फुटबॉल जगत के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किए जाने वाले दिएगो माराडोना ने कहा कि अर्जेंटीना के कोच के रूप में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती अगले विश्व कप में बढ़िया प्रदर्शन करने की होगी। गत अक्तूबर में अपनी राष्ट्रीय टीम के कोच बनाए गए माराडोना ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, यह अनुमान लगाना काफी मुश्किल है कि दक्षिण अफ्रीका में वर्ष 2010 में होने वाले विश्व कप में क्या होगा लेकिन हमारी टीम के लड़कों के भीतर अच्छा प्रदर्शन करने की भरपूर काबिलियत है। 48 वर्षीय माराडोना ने कहा, मेरे पास बहुत अच्छी टीम है और मुझे लियोनेल मेसी तथा अन्य लड़कों के भीतर पूरा विश्वास है। मुझे पूरा यकीन है कि जरूरत के वक्त ए लडके बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा, हो सकता है कि मैं भारत के फुटबॉलप्रेमियों से आशीर्वाद लेकर स्वदेश लौटूं और मेरी टीम अगले विश्व कप में बढ़िया प्रदर्शन करने में सफल रहे। इस समय यह दुनिया की सबसे अच्छी टीमों में से एक है। 1से 1तक खेले गए चार विश्व कप टूर्नामेंटों में अर्जेंटीना का प्रतिनिधित्व करके उसे एक बार विजेता बनाने में निर्णायक भूमिका निभाने वाले माराडोना ने कहा कि वर्ष 1विश्व कप में खेली अर्जेंटीना की टीम अब तक की महानतम टीम है। उन्होंने कहा, अपने खेल जीवन के दौरान मुझे कभी भी भय नहीं लगा। इस समय भी अपनी राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देने में मुझे किसी तरह का डर नहीं है क्योंकि हमारा देश फुटबाल में हमेशा अच्छा रहा है। उन्होंने कहा कि 1विश्व कप के दौरान इंगलैंड के खिलाफ हैंड ऑफ द गॉड के नाम से चर्चित गोल दागने के बाद उन्हें सबसे अधिक आनंद आया था। उन्होंने मौजूदा दो खिलाड़ियों मैसी और ब्राजील के रोनाल्डिन्हो के बीच तुलना किए जाने पर कहा, रोनाल्डिन्हो तो अपना सर्वश्रेष्ठ दौर पीछे छोड़ चुके हैं जबकि मैसी का अभी दस साल का कैरियर पड़ा हुआ है। जब माराडोना से यह पूछा गया कि पेले और उनमें से कौन बेहतर खिलाड़ी रहा है तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, मेरी मां का हमेशा से यह मानना रहा है कि मैं सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलर हूं।ं

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