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गरीब बच्चियों को बेचने वाले रैकेट का खुलासा

भोपाल से लगातार गायब हो रहीं गरीब घरों की मासूम बच्चियों को देह व्यापार की मंडी में बेचे जाने के सनसनीखे रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस उन व्यक्तियों की तलाश में लगी हुई है,ािन्हें मासूम लड़कियां बेची गईं। भोपाल रलवे स्टेशन के आसपास के क्षेत्र से पिछले चार माह में एक ही मोहल्ले की पांच मासूम लड़कियां गायब हो गई थीं। गायब लड़कियों की उम्र डेढ़ साल से लेकर ग्यारह साल के बीच थी। गायब लड़कियां गरीब परिवार की होने के कारण पुलिस ने भी इनकी खोजखबर में दिलचस्पी नहीं दिखाई। विधानसभा चुनाव के दौरान जब लड़कियों के गायब होने का मामला सामने आया तो पुलिस हरकत में आई। लेकिन लड़कियों को देह व्यापार की मंडी बेचे जाने का मामला उस वक्त पकड़ में आया जब चांदबड़ इलाके के लोगों ने मोहल्ले की ही दो महिलाओं को एक गायब लड़की के साथ पकड़ लिया। विमला और यशोदा नाम की महिलाओं से पूछताछ में पुलिस को कई सनसनीखे जानकारी हाथ लगी है। गिरफ्तार महिलाओं ने स्वीकार किया है कि वे मासूम बच्चियों को अगवा कर भोपाल से लगभग सौ किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित ब्यावरा के ढाबे पर बीस से पच्चीस हाार में बेच देतीं थीं। वहां से ये लड़कियां सड़क मार्ग से इंदौर होते हुए मुबंई भेज दी जाती थीं। जिन लोगों को यो लड़कियां बेची जाती थीं,उनका नाम एवं पता अब तक पुलिस के हाथ नहीं लगा है। गिरफ्तार महिलाओं ने भी उनके बार में कोई जानकारी होने से इंकार कर दिया है। विमला एवं यशोदा ने पुलिस को यह जरूर बताया है कि वे गरीब घरों की लड़कियों को अगवा सिर्फ इस कारण ही करती थीं कि पुलिस उनकी शिकायत पर तत्परता से कार्यवाही नहीं करती है। मध्यप्रदेश में भिंड एवं मुरैना जसे इलाके में इस तरह का रैकेट पिछले कई सालों से चल रहा है। इस इलाके में लड़कियों को अभिशाप मानकर जन्म लेते ही जहर दे दिया जाता है। इलाके से गायब होने वाली मासूम लड़कियों की तलाश में भी परिवारान कोई दिलचस्पी नहीं दिखाते हैं।

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