अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

लोकतांत्रिक चेतना में मीडिया की भूमिका

चुनाव के शामियान सजते ही प्रचार की शहनाइयां सुनाई देने लगती हैं। माहौल बनता है, माकूल इंतजाम होते हैं, साथ ही मतदान के मुकाम पर चौरफा तनाव भी होता है। प्रदशों के चुनाव विभाग महीनांे पहले ही मतदान प्रक्रिया के सभी चरणों को चाक चौबन्द करने की कवायद शुरू कर देते हैं। आम चुनावांे में मतदाताआंे का मताधिकार के प्रति उनकी उदासीनता से उबारने, और पहचान पत्र बनवाने को प्रेरित करने के लिए इस बार जनसंचार माध्यमों और सूचना तकनीक का रचनात्मक प्रयोग किया गया। अखबारां, निजी टीवी व रेडिया चैनलां, आउटडार प्रचार और जनसंवाद कार्यक्रमां का जरिया अपनाया गया लकिन चुनिन्दा निर्वाचन विभाग ही एस रह जिन्हांन सार्वजनिक प्रसारण माध्यमां की ताकत का भुनान की साच भी रखी। हर प्रदश मं सार्वजनिक प्रसारण माध्यमां का सघन जाल उपलब्ध है लकिन य माध्यम चुनाव विभागां क बजट की बाट नहीं जाहत। इसक लिए उनींदा हाना पड़ता है। इसी फर मं कमाई की मलाई निजी चैनल चाट जात हैं। लकिन इस बार दूरदर्शन स जुड़ मीडियाकर्मियां की पहल और राजस्थान निर्वाचन विभाग की प्रयागधर्मिता क गठजाड़ न मीडिया क जरिए जागरूकता अभियानां क नए प्रतिमान बनाए। जयपुर दूरदर्शन न इस लाकसभा चुनाव मं अकल चुनाव विभाग स बीत बजट सत्र मं करीब 30 लाख रुपए की कमाई की। हालांकि सार्वजनिक माध्यमां क उपयाग का हक वैस भी चुनाव विभागां का है। लकिन नियमित, नियाजित और प्रायाजित कार्यक्रमां क जरिए निर्वाचन विभाग न दूरदर्शन क प्रादशिक चैनल की ़ 7 फीसदी पहुंच और डार्ट क आंकड़ां क मुताबिक, टीवी चैनलां मं सर्वाधिक करीब 17 फीसदी दर्शक संख्या का लक्षित किया। राजस्थान निर्वाचन विभाग न प्रचार की शतरंजी पारी मं संचार क दूसरे प्यादां का साथ लत हुए मीडिया प्रबन्धन की बाजी अपन हाथ मं रखी। हार्डिग हा, अखबारी विज्ञापन, समाचार, इलक्ट्रॉनिक वाटिंग मशीन व मतदान प्रक्रिया का डमान्स्ट्रशन या फिर निर्वाचन अधिकारियां क प्रशिक्षण, हर क्षत्र मं विभाग न प्रयाग किए। वाटर हल्पलाइन क लिए ईमल, एसएमएस और फान कॉल की सुविधा न मतदाता की ज्यादातर जिज्ञासा घर बैठ शान्त कर दी। हर बूथ स त्वरित सम्पर्क क लिए छह लाख साठ हजार का बजट खर्च कर बाकायदा कम्यूनिकशन प्लान लागू किया गया। जागरूकता अभियानां क लिए मीडिया प्रबन्धन क कार्पारेट फलसफ का आजमाया गया। आचार संहिता, पहचान पत्र सम्बन्धी सूचना व समय-समय पर किए एलान का मुख्य खबरां का हिस्सा बनाकर या फिर चुनावी थीम का यूथ सप्लीमन्ट मं फीचर स्टारी या साफ्ट स्टारी की तरह शामिल कर अखबारां न भी मतदान क माहौल का त्याहारी रंग दन का काम किया। दूसरी तरफ इस नक नियत का हिस्सा बनकर स्वयं सवी संगठनां और सलिब्रिटीज न भी जागरूकता अभियानां की आस का आजस किया। दश क सबस बड़ प्रदश राजस्थान क निर्वाचन विभाग की संचार प्रयागधर्मिता का कन््रदीय आयाग न नजीर क तौर पर अपनाया। राजस्थान निर्वाचन विभाग क बनाए प्रशिक्षण माडय़ूल का आदर्श मानकर सभी प्रदशां मं लागू किया गया। मतदान प्रक्रिया व जागरूकता पर बनी छाटी-छाटी फिल्मां का भी कन््रदीय निर्वाचन आयाग न अन्य प्रदशां मं इस्तमाल क निर्दश दिए। सशक्त मीडिया प्रबन्धन की सबस बड़ी उपलब्धि रही कि प्रदश मंीसदी मतदाताआं क पास अब फाटा पहचान पत्र आ गया और इस बार प्रदश मं सात लाख मतदाता नए जुड़ गए। नए मतदाताआं का जाड़न क साथ साथ विकलांगां, शिथिलांगां और शिक्षित नत्रबाधितां का भी मतदान क लिए प्ररित करन क प्रयास हुए। आन्ध्र प्रदश स शुरू हुए प्रयागां क बाद दिी और गुजरात मं ईवीएम मं ब्रल साइनज प्रयाग पहल भी किया जा चुका था। इस बार राजस्थान मं भी ब्रल साइनज का अपनाकर मीडिया क जरिए उसक प्रयाग का व्यापक प्रचार प्रसार किया गया। निष्पक्ष और निर्भीक चुनाव क लिए विभाग क वरिष्ठ अधिकारियां न मीडिया लाइजनिंग का सहारा भी लिया। पार्टियां, प्रत्याशियां, लाकसवकां और मतदाताआं क लिए तय आचार संहिता क दायरे की जानकारी दुरूस्त का काम भी मीडिया क जरिए बखूबी किया। गुजरात मं एक मतदाता, छत्तीसगढ़ मं दा और अरूणाचल प्रदश मं तीन मतदाताआं क लिए बूथ बनान वाल निर्वाचन आयाग न मतदाताआं क प्रति दास्ताना रूख दिखाया है। दूसरी तरफ मरू प्रदश की 25 सीटां क लिए खड़ हुए 346 प्रत्याशियां की पृष्ठभूमि की सम्पूर्ण जानकारी साइट पर डालकर समझदारी स प्रत्याशी चुनन और हर मतदाता का बूथ पर आन की वजह समझान की भी पुरजार काशिश की है। दश मं तीसरे चरण क चुनाव मं हुए औसत मतदान क बाद बाकी बच प्रदशां क माथ पर चिन्ता का पसीना चू रहा है। अब हर मतदाता क हाथ पहचान पत्र ता है, मगर अपनी राय व्यक्त करन क लिए वह कितना बचैन है इसका अन्दाज लगाना अभी आसान नहीं। राजस्थान निर्वाचन आयाग क नवाचार का नतीजा बढ़ हुए मतदान प्रतिशत क तौर पर दखन का मिल ता मीडिया प्रबन्धन की य नजीर वैश्विक पैमान पर भी सराही जाएगी।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: लोकतांत्रिक चेतना में मीडिया की भूमिका