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राज की याचिकाओं पर सुनवाई पूरी

उत्तर भारतीय के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप झेल रहे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे की याचिकाओं पर सुनवाई पूरी हो गयी है और जुडिशियल मजिस्ट्रेट अनिल कुमार (2) कोर्ट का फैसला 16 दिसंबर को सुनायेंगे। राज ठाकर का पक्ष रखते हुए झारखंड हाइकोर्ट के वकील नीरा पांडेय ने सीआरपीसी 210 के प्रावधान का हवाला देते हुए जमशेदपुर कोर्ट में चल रही सुनवाई को खारिा करने का आग्रह किया। मुंबई में दिये गये भाषण पर कांग्रेस नेता संजय निरूपम एवं वादी सुधीर पप्पू के केस अलग-अलग चल रहे हैं। जब मामला एक है, तो दो जगह कैसे सुनवाई होनी चाहिए। सीआरपीसी 177 के तहत जुरिडिक्शन का सवाल उठाया। घटना मुंबई की है, तो जमशेदपुर में कैसे वाद चल सकता है। इसके साथ ही व्यक्ितगत पेशी से छूट देने का आग्रह भी सीआरपीसी 205 के तहत किया। वहीं दिल्ली हाइकोर्ट के जस्टिस आरएस सोढ़ी द्वारा 22 सितंबर 2000 को दिये फैसले को उद्धृत करते हुए वारंट रिकॉल करने का आग्रह किया। वादी सुधीर कुमार पप्पू के वकील आर नाथ एवं बबीता जन ने कोर्ट को बताया कि राज ठाकर सुप्रीम कोर्ट एवं झारखंड हाइकोर्ट की शरण में जा चुके हैं और वहां उन्हें निराशा हाथ लगी है। केवल 153-बी पर अभियोजन चलाने के लिए राज्य सरकार की अनुमति को हाइकोर्ट ने आवश्यक बताया है। एसे में राज ठाकर हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ कुर्की-ाब्ती का आदेश जारी किया जाना चाहिए।

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