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सिर्फ दो इंटर कॉलेजों को स्थायी मान्यता

शंकर प्रसाद इंटर कॉलेज नगरउटारी, गढ़वा और गोपीनाथ सिंह महिला कॉलेज गढ़वा की स्थिति अन्य सामान्य अनुशंसित कॉलेज की तरह है। फर्क है, तो सिर्फ विधायक-मंत्री की पैरवी का है। पैरवी होते दोनों इंटर कॉलेज को स्थायी मान्यता मिल गयी, जबकि शेष सभी इंटर कॉलेजों को शर्त लगा कर निपटा दिया गया।ड्ढr शंकर प्रसाद इंटर कॉलेज नगरउटारी गढ़वा के लिए स्वास्थ्य मंत्री भानू प्रताप शाही और गोपीनाथ सिंह कॉलेज के लिए विधायक गिरिनाथ सिंह पूरा जोर लगाये हुए थे। जोर का असर इतना हुआ कि सिर्फ इन दोनों कॉलेजों की विशेष जांच आरडीडीइ से करा कर स्थायी मान्यता दे दी गयी। शेष कॉलेजों में शुरुआत से ही एचआरडी का रुख सकारात्मक नहीं रहा। अंतत: विभाग ने सभी 28 कॉलेजों को एक साल की सशर्त प्रस्वीकृति देकर फाइल कौंसिल को लौटा दी।ड्ढr कौंसिल को यह हिदायत भी दी गयी कि आइंदा नियमावली की सारी शर्त पूरा करनेवाले कॉलेज की ही अनुशंसा भेजी जाये। यह भी कहा गया कि अगले साल से शर्त पूरा नहीं करनेवाले कॉलेजों को अस्थायी पर भी विचार नहीं किया जायेगा। शिक्षा सचिव आरएस वर्मा कहते हैं कि इंटर कॉलेज के शिक्षक बीएड नहीं है। साथ ही आरक्षण रोस्टर का भी पालन नहीं हुआ है।ड्ढr मामले को देखूंगा : बंधुड्ढr शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि शेष इंटर कॉलेजों की फाइल किन कारणों से लौटायी गयी, इसको वह दिल्ली से लौटने के बाद देखेंगे। एक लाइन में सभी इंटर कॉलेज का मामला निपटाना सही नहीं है। शर्त पूरा कर लेनेवाले इंटर कॉलेजों को स्थायी प्रस्वीकृति मिलेगी।ड्ढr बैठक आज, कोर्ट जायेंगे इंटरकर्मीड्ढr इंटर कॉलेज की लगातार उपेक्षा से त्रस्त इंटरकर्मियों ने अब कोर्ट जाने का मन बनाया है। संरक्षक रघुनाथ सिंह ने कहा कि एचआरडी में बिना पैरवी के कुछ नहीं होता है। विभाग सभी इंटर कॉलेजों की फाइल देखें बिना एक साथ मामले को निपटा दिया। इसे लेकर इंटर कॉलेज के प्राचार्यो की बैठक सात को होगी। ं

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