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बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उद्योगों का जाल बिछाने की कोशिश

राज्य सरकार बाढ़ से तबाह हुए कोसी क्षेत्र के जिलों में विकास को गति देने के लिए उद्योगों का जाल बिछाने का प्रयास कर रही है। सरकार इसके लिए नये उद्योग लगाने वाले उद्योगपतियों के लिए कई तरह की नई सुविधाओं की घोषणा शीघ्र ही कर सकती है। उद्योग विभाग में इसपर गहन मंत्रणा चल रही है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार उन इलाकों में नये उद्योग लगाने को इच्छुक उद्योगपतियों को स्टांप शुल्क माफ करने के अलावा उद्योगों के लिए लोन के सूद पर अनुदान देने पर विचार हो रहा है। उद्योग मंत्री दिनेश चंद्र यादव मंशा रखते हैं कि उद्योगपतियों को कैपिटल इन्वेस्टमेंट में भी अनुदान दिया जाय।ड्ढr ड्ढr हालांकि विभाग में अभी यह तय नहीं हो सका है कि और किस प्रकार की छूट उद्योगपतियों को दी जा सकती है। लेकिन सरकार तय कर चुकी है कि ‘कोसी पुनर्वास योजना’ के तहत उस इलाके में उद्योगों की संख्या बढ़ाई जायेगी। पूर्व में उद्योग मंत्री ने पूर इलाके को स्पेशल इकोनॉमिक जोन (सेज) के रूप में विकसित करने की हिमायत की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आग्रह किया था कि भूकम्प से बर्बाद हुए भुज की तर्ज पर कोसी के बाढ़ग्रस्त पांचों जिलों को भी विशेष आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने केन्द्र की संप्रग सरकार से बाढ़ग्रस्त कोसी क्षेत्र में सेंट्रल एक्साइज डय़ूटी माफ करने को कहा है। इससे न सिर्फ वहां कल-कारखानों के लिए पूंजी आएगी बल्कि स्थानीय लोगों की रोजगार की समस्या भी हल होगी।

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