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मैच होने में अब मौसम की दखलंदाजी

तमाम बाधाओं को दूर कर इंग्लैण्ड की टीम भारत तो आ गई है लेकिन पहले टेस्ट पर अब मौसम की मार पड़ती नजर आ रही है। विशेषज्ञों से भी कुछ ऐसे ही इशारे मिले हैं। मौसम के बार में जो भविष्यवाणी की गई है उसके मुताबिक बुधवार और गुरुवार को भी बारिश हो सकती है। ऐसे में सिरीज का पहला मैच मौसम की चपेट में आ सकता है। हजारों सुरक्षाकर्मियों से घिर एमए चिदम्बरम स्टेडियम को गुरुवार से होने वाले सिरीज के पहले टेस्ट में अब किसी आतंकवादी वारदात की नजर लगने का डर तो नहीं, पर हाँ मैच के दौरान बारिश की दखलंदाजी का अंदेशा जरूर सता रहा है। तटीय क्षेत्र होने की वजह से बारिश के बादल यहाँ जब तब डेरा जमा लेते हैं। इस बार भी बंगाल की खाड़ी से बन रहे दबाव के चलते कुछ ऐसा ही नजर आ रहा है। दोनों टीमों को दिन भर रुक-रुक कर पड़ रही फुहारों के चलते हल्का अभ्यास ही मिल पाया। खराब मौसम इंग्लैण्ड टीम का तो अबुधाबी से ही पीछा कर रहा है। अब बुधवार सुबह मेहमानों के नेट का कार्यक्रम है, बशर्ते पानी न बरसे। सप्ताह भर की मुरव्वत के बाद सोमवार रात से यहाँ का मौसम फिर खराब हो गया है। सुबह 11 बजे तक कभी रिमिझिम तो कभी तेज बूँदे पड़ती रहीं। कई बार विकेट के ऊपर पड़े कवर से पानी उलेचा गया। आउटफील्ड को सुखाने के लिए भी दिन भर कड़ी मेहनत हुई। पिछले सप्ताह यहाँ कई दिनों तक जमकर बारिश हुई थी। दोनों टीमें सुबह अपने होटल से काफी देर तक बाहर नहीं निकल पाईं। बारिश के कारण भारतीय टीम के अभ्यास कार्यक्रम को सवा दो घंटे के लिए टालना पड़ा। दोपहर 12.45 बजे जैसे ही मौसम खुला भारतीय टीम अभ्यास के लिए मैदान आ पहुँच गई। लेकिन दो बजे के बाद फिर से रिमझिम शुरू हो गई, तो उन्हें किट समेटनी पड़ी। एक घंटे बाद फिर बादल खुले तो इंग्लिश टीम को भी हल्का रियाज मिल गया। मेहमान टीम ने कम रोशनी में भी अभ्यास किया। दोनों टीमों के लिए इस सिरीज में केवल परिणाम के लिए नहीं बल्कि एक महत्वपूर्ण लक्ष्य के लिए खेलने उतरंगी। असल मकसद तो आतंकवादियों तक यह संदेश पहुँचाने का है कि उनके चाहने से क्रिकेट नहीं रुकने वाला। मेहमान टीम किस मानसिक हालात में लौटी है, यह छिपा नहीं है। हार्डकोर आतंकवादी गुटों से मिल रही धमकियों के बीच भारत में खेलने का निर्णय लेकर इंग्लैण्ड ने दूसर देशों के सामने एक नजीर भी पेश की है। एशियाई देशों में तो लोग बारूद के इर्द गिर्द ही जीवन बसर करते हैं, इसलिए भारतीय खिलाड़ियों पर इस माहौल का उतना असर नहीं है, जितना मेहमानों पर है। अंग्रेज खिलाड़ियों का ऐसे माहौल से काफी कम वास्ता पड़ा है। भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका में धमाकों के कुछ घंटे बाद ही मैदान के बीचों बीच स्टम्प गढ़ जाते हैं। ऐसा जयपुर में आईपीएल के दौरान विदेशी खिलाड़ी देख भी चुके हैं। लेकिन इंग्लैण्ड के खिलाड़ी ऐसे हालात के आदी नहीं। फिर भी वे खेल रहे है, तो इसके लिए तारीफ के हकदार हैं। इंग्लिश टीम ने साबित कर दिया है कि आतंकवाद के खिलाफ वे भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे। यही वजह है कि केविन पीटर्सन अपनी पूरी टीम समेट कर एक बार फिर भारत लौट आए हैं। इसमें संदेह नहीं कि ईसीबी के सुरक्षा सलाहकार डिक्सन की साकारात्मक रिपोर्ट के अलावा इस दौर को बचाने के लिए मेहमान कप्तान का ही सबसे बड़ा योगदार रहा है। काफी मशक्कत के बाद वे अपने सभी साथियों को भारत में खेलने पर राजी कर पाए।

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