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एलआईसी ने भी खोल दी थैली

सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) शेयर बाजार की उठापटक से निवेशकों को राहत पहंचाने के लिए जहां एक तरफ नए-नए बीमा उत्पाद पेश कर रही है वहीं दूसरी तरफ उसका इरादा आने वाले तीन-चार महीनों में पूंजी बाजार में करोड़ों रुपए का निवेश कर गिरते बाजार को सहारा देने का भी है। एलआईसी अध्यक्ष टी.एस. विजयन ने बताया कि निगम आने वाले दिनों में करीब 11000 करोड़ रुपए की राशि शेयरों में और 20000 करोड़ रुपए की राशि अपर्वतनीय बांड पत्रों में निवेश करेगा। उन्होंने बताया कि कई कंपनियां धन की जरूरत के लिए निगम के पास आ रही हैं क्योंकि उनके लिए दूसरे रास्ते से पूंजी जुटाना काफी मुश्किल हो गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में कंपनियों से इस तरह की मांग बनी रहेगी। एलआईसी ने इक्िवटी और ऋणपत्रों में भारी पूंजी निवेश का फैसला ऐसे समय किया है जब विदेशी संस्थागत निवेशक भारतीय शेयर बाजारों में निवेश से कन्नी काट रहे हैं, ऐसे में कंपनियों को दीर्घकालिक पूंजी जुटाने में काफी दिक्कत आ रही है। बीमा निगम ने सरकारी प्रतिभूतियों में भी करीब 18000 करोड़ रुपए की राशि निवेश करने की योजना बनाई है। इस तरह चालू वित्त वर्ष के तीन-चार महीनों में एलआईसी इक्िवटी, बांड और सरकारी प्रतिभूतियों में कुल मिलाकर 50 हजार करोड़ रुपए तक का निवेश करेगी, ऐसी उम्मीद है। वर्ष के अब तक के आठ महीनों में एलआईसी एक लाख करोड़ रुपए से अधिक राशि विभिन्न साधनों में निवेश कर चुका है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक 36,000 करोड, से अधिक राशि सरकारी प्रतिभूतियों में, करीब 30,000 करोड़ रुपए इक्िवटी में और 23,000 करोड़ रुपए से अधिक राशि गैर-परिवर्तनीय ऋणपत्रों में निवेश की है। इसके अलावा 12,300 करोड़ रुपए ढांचागत क्षेत्र और सामाजिक क्षेत्र में तथा 1300 करोड़ रुपए परियोजना ऋण में लगाए हैं।

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