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खोजे नहीं मिल रहे नरेगा के एक लाख मजदूरखोजे नहीं मिल रहे नरेगा के एक लाख मजदूरखोजे नहीं मिल रहे नरेगा के एक लाख मजदूर

राष्ट्रीय ग्रामीण रोगार गारंटी योजना में मजदूरों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिए खाता खोलकर मजदूरी के भुगतान का प्रावधान डाक विभाग के लिए परशानी का कारण बन गया है। जिले में खाता खोलने के लिए पहले चरण में उपलब्ध करायी गयी सूची में से रोगार के अभाव में करीब एक लाख मजदूर पलायन कर चुके हैं।ड्ढr ड्ढr वहीं खाता खोलने का लक्ष्य पूरा करने के लिए डाक विभाग परशान है। बताया गया है कि नरगा के तहत डाक विभाग को 2.5 लाख मजदूरों का खाता खोलने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए प्रथम चरण में दो लाख मजदूरों की उपलब्ध करायी सूची में से पचास फीसदी मजदूर ही डाक विभाग को मिल पाये हैं। इससे पहले चरण में डाक विभाग अब तक 85 हाार मजदूरों का ही खाता खोला पाया है वहीं 15 हाार मजदूरों का खोलने के लिए फार्म भरा गया है। पहले चरण में मड़वन प्रखंड से 7766 और मोतीपुर प्रखंड से 2000 मजदूरों की सूची डाक विभाग को भेजी गयी। उसके बाद सभी प्रखंडों से मिलाकर दो लाख मजदूरों की सूची डीडीसी के माध्यम से उपलब्ध करायी गयी।ड्ढr ड्ढr प्रवर डाक अधीक्षक नारायण झा ने बताया कि जिले में 2.50 लाख मजदूरों का खाता खोलने का लक्ष्य है। डीडीसी से लगातार पत्राचार के बाद मिली सूची से खाता खोलने के लिए आधे मजदूरों का पता नहीं चल रहा है। उन्होंने बताया कि प्रखंडों में पोस्टमास्टर, नरगा के प्रोग्राम अधिकारी व अन्य के साथ बैठक करने के बाद भी आधे मजदूरों का खाता ही खोला जा सका है। अब दूसर चरण के लिए जसे-ौसे सूची मिल रही है उन मजदूरों का खाता खोला जा रहा है।

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  • Web Title: खोजे नहीं मिल रहे नरेगा के एक लाख मजदूर