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आशंकाएं हुईं खत्म, मैच हुआ ऑन

क्रिकेट के लिए आसमान फिलहाल बिल्कुल साफ हो गया है। मौसम विशेषज्ञों की भविष्यवाणियों को झुठलाते हुए रात भर में बादल श्रीलंका की तरफ निकल गए। सुबह से ही यहां बढ़िया धूप देखने को मिली। बादल फिर नहीं लौटे तो धोनी और पीटरसन गुरुवार सुबह तय समय पर सीरीज के पहले टेस्ट के लिए टॉस करने जाएंगे। खास यह है किी धमकियों के बावजूद यहां क्रिकेट खेलने की पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। इस टेस्ट की आधी मैच फीस इंग्लैंड के खिलाड़ी इसी देश में छोड़कर लौट जाएंगे। जाहिर है बेहद नेक इरादे से खेली जा रही है यह सीरीज। मैच से एक दिन पूर्व एमए चिदम्बरम चेपाक स्टेडियम की सभी दीर्घाएं खाली पड़ी थीं लेकिन फिर भी इन पर सुरक्षा कर्मियों की कड़ी पहरदारी थी। मैदान की ओर पीठ और गैलरी पर जमी चौकन्नी निगाहों ने शाम तक मुश्तैदी ढीली नहीं पड़ने दी। दशहतगर्दो के लिए यहां खलल पैदा करने की कोई गुंजाइश नहीं होगी। इंग्लिश कप्तान केविन पीटरसन और उनकी टीम भी सब कुछ भूलकर अब 22 गज की पट्टी पर अपना ध्यान केन्द्रित करना चाह रही है। मेहमान कप्तान ने अपने साथियों से कह भी दिया है कि हमें यहां से जीत दर्ज करके लौटना है, असफलता के लिए किसी तरह का कोई बहाना नहीं चलेगा। लेकिन यह भी सही है कि टेस्ट शुरू होने से चार दिन पहले तक दोनों तरफ के खिलाड़ियों को मालूम ही नहीं था कि सीरीज होगी भी या नहीं। अबुधाबी में मेहमानों ने मामूली अभ्यास जरूर किया, पर हर पल उनके कान भारत से आ रही खबरों पर ही लगे रहे। फिर भी अंग्रेज खिलाड़ियों के मन में वन डे सीरीज से मिले जख्मों पर मरहम लगाने की इच्छा जरूर अंगड़ाइयां ले रही होगी। अगर वे सीरीज बराबर छुड़ा लेते हैं, तो भी उनके लिए बड़ी उपलब्धि होगी। मेहमान खिलाड़ी बेहद पेशेवर हैं। अब उनका पूरा ध्यान वन डे सीरीज की शिकस्त का हिसाब बराबर करने पर है। पीटरसन मजबूत टीम के साथ ही भारत लौटे हैं, इसलिए वे मेजबानों को उसी की जमीन पर तगड़ी चुनौती देने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। इस मैच में वे तीन तेज और दो स्पिन गेंदबाजों के साथ उतर रहे हैं। लेकिन माही आर्मी भी तैयार है। पूरी उम्मीद है कि टीम इंडिया सात बल्लेबाजों और चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ ही उतरगी। दुनिया के सबसे चतुर कप्तान टेस्ट क्रिकेट में अब तक पार्टटाइम नेतृत्व ही किया है। यह पहली टेस्ट सीरीज होगी, जिसमें धोनी टी-20 और वन डे के बाद पूरे तौर पर भारतीय टेस्ट कप्तान का भी दर्जा प्राप्त कर लेंगे। गौतम गंभीर का नागपुर टेस्ट के प्रतिबंध के बाद यहां सहवाग के साथ उतरना लगभग तय है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम टेस्ट में प्रभाव छोड़ने वाले मुरली विजय कुमार को बाहर बैठना पड़ेगा। राहुल द्रविड़ के लिए यह सीरीज निर्णायक हो सकती है, इसलिए उनके ऊपर भी रन बनाने का भारी दबाव होगा। धोनी दो मीडियम पेसर जहीर खान और इशांत शर्मा के अलावा हरभजन सिंह और अमित मिश्रा की स्पिनर जोड़ी को उतार सकते हैं। जरूरत पड़ने पर सौरभ गांगुली की जगह लेने वाले युवराज सिंह और वीरन्द्र सहवाग पार्ट टाइम स्पिनर की भूमिका निभाएंगे। भारत अनिल कुम्बले और सौरभ गांगुली के संन्यास के बाद पहली बार कोई टेस्ट सीरीज खेलने जा रहा है। मैदान में उतरते समय टीम को इन दिग्गजों की कमी जरूर खलेगी। लेकिन युवा खिलाड़ियों को इसकी आदत डालनी होगी, क्योंकि निकट भविष्य में कुछ और सीनियर इस खेल से नाता तोड़ सकते हैं। उधर गांगुली के स्थान को भरने के लिए युवराज सिंह परखे जाएंगे। उन पर सातवीं वापसी को स्थायित्व देने के दबाव के साथ कमजोर डिफेंस के आरोपों को गलत साबित करने की चुनौती भी होगी। लेग स्पिनर अमित मिश्रा को भी दिखाना होगा कि उनमें महान स्पिनर अनिल कुम्बले की जगह भरने की कुव्वत है। भारतीय क्रिकेट परविर्तन के दौर में है और इस टेस्ट में भविष्य की तस्वीर भी मिलने वाली है। सचिन तेंदुलकर और वीरन्द्र सहवाग को इस विकेट ने खूब रन दिए हैं। दर्शकों को इनकी ओर से फिर चमकदार क्रिकेट की ख्वाहिश है। भारत अपने 11 खिलाड़ी मैच से पहले ही घोषित करगा। भारतीय एकादश यह हो सकती है- एमएस धोनी (कप्तान), वीरन्द्र सहवाग, गौतम गंभीर, राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, वीवीएस लक्ष्मण, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, अमित मिश्रा, जहीर खान, इशांत शर्मा। इस मैच के लिए बिली बाउडन और डेरिल हारपर मैदानी अम्पायर होंगे, जबकि सुरश शास्त्री तीसर और आर. रिसोडकर चौथे अम्पायर नियुक्त किए गए हैं।ं

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