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इंदिरा आवास: रुक सकती है केन्द्र की दूसरी किस्त

इंदिरा आवास के लिए पंचायतों में दीवारों पर बीपीएल परिवारों की स्थायी प्रतीक्षा सूची लिखवाने में जिलों की कछुआ चाल राज्य सरकार के लिए नई समस्या बनी है। बार-बार निर्देश के बावजूद अधिसंख्य जिलों में यह काम लटका पड़ा है। इस चक्कर में इंदिरा आवास के लिए केन्द्र से मिलने वाली दूसरी किस्त की राशि अटक सकती है। इस समस्या से परशान ग्रामीण विकास विभाग ने सभी उप विकास आयुक्तों को साफ-साफ कह दिया है कि दीवारों पर स्थायी प्रतीक्षा सूची का लेखन नहीं होने से दूसरी किस्त की राशि अटक गयी तो उसके लिए उन्हें ही जिम्मेदार माना जाएगा।ड्ढr ड्ढr आधिकारिक सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मधेपुरा को छोड़कर किसी भी जिला की पंचायतों में दीवार लेखन का काम पूरा नहीं किया गया। अरवल, बांका, मधुबनी और पटना जिले में अक्टूबर तक महज 10 प्रतिशत से भी कम पंचायतों में यह काम किया जा सका था। पूवीं चंपारण, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद कटिहार, खगड़िया, किशनगंज, पूर्णिया, रोहतास, सहरसा, समस्तीपुर, सीवान, सुपौल, वैशाली और पश्चिम चंपारण से इससे जुड़ी रिपोर्ट भी नहीं भेजी गयी।ड्ढr ड्ढr इन जिलों द्वारा दीवार लेखन कार्य में धीमी रफ्तार पर विभाग ने कड़ी आपत्ति जताई है। हालांकि करीब 27 जिलों के उप विकास आयुक्तों ने विभाग के प्रधान सचिव को यह आश्वत किया है कि वे अपने-अपने जिलों में जल्द से जल्द यह काम पूरा करा लेंगे।

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