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जेहादियों का नया अस्त्र ‘फेसबुक’

‘यू ट्यूब’ के बाद इस्लामी जेहादी फोरमों ने अब ‘फेसबुक’ को अपने निशाने पर लिया है। अल फालुजा नामक एक जेहादी संगठन ने अपनी वेबसाइट पर अपील जारी की है कि जिस तरह यू ट्यूब पर प्रचार वाले वीडियो की भरमार कर दी गई थी उसी तरह अब नेटवर्किंग की जानी-मानी साइट ‘फेसबुक’ पर हमला बोल दिया जाना चाहिए। इसके पहले अल फालुजा ने यू ट्यूब साइट पर प्रचार वाले अधिकाधिक वीडियो लोड करने के लिए उकसाया था। अमेरिका की साइट इंटेलीजेंस ग्रुप नामक मॉनिटरिंग सर्विस ने कहा है कि अल-फालुजा नामक जेहादी फोरम की वेबसाइट पासवर्ड प्रोटेक्टेड है यानी कि कोई बाहरी व्यक्ित इस पर कोई अपील या जानकारी नहीं डाल सकता। अपनी अपील में यू-ट्यूब पर हुए हमले (प्रोपेगेण्डा वीडियो लोड करने की होड़) की बढ़ चढ़कर तारीफ करने के बाद अमर अब्दुल हाकिम नाम के फोरम सदस्य ने अन्य सदस्यों को फेसबुक इस्तेमाल करने के लिए कहा है। अमर ने कहा है- फेसबुक को हम नए और एक्सक्लूसिव मीडिया टूल की तरह उस मीडिया के खिलाफ इस्तेमाल करंगे जो हमारा विरोध करता है। हमारे विरोध का मतलब जिहादी मीडिया के विरोधियों, इसके फोरम और वेबसाइट का विरोध करना। फेसबुक पर हम एक साथ लाखों लोगों तक अपना संदेश पहुँचा सकते हैं। इधर इस्लामी जेहादियों ने पहले भी इंटरनेट के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिश की है। और इसमें भी उन्हें अल-कायदा ने ही रास्ता दिखाया है। अमेरिकी सैन्य इंटेलिजेंस की एक रिपोर्ट के अनुसार आतंकी गुट इंटरनेट का इस्तेमाल प्रचार और आपस में संपर्क बनाए रखने के लिए करते रहे हैं। चेताया गया है कि ‘ट्विटर’ जैसी माइक्रो ब्लागिंग सेवा आतंकियों का हथियार बन सकती है। इस साल अगस्त में अलकायदा के सहयोगी संगठन अल एखलास के एक सदस्य ने सहयोगियों से अपील की थी कि फेसबुक पर अल-कायदा के समर्थन में एक ग्रुप शुरू कर दें।

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