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साथ रहेंगे, तभी फलेंगे

इस्तीफा समाधान नहीं जब जनता वोट करती है तब उम्मीद यही करती है कि हमार नेता देश के विकास, लोक कल्याण के लिए कार्य करंगे। राज ठाकर के क्षेत्रवाद ने देश को तोड़ने का कार्य किया है। इसकी प्रतिक्रिया में जद-यू के प्रभुनाथ, जार्ज फर्नाडीा, राजीव रांन सिंह, कैलाश बैठा और मीना सिंह ने क्या किया? बस इस्तीफा दे दिया। फिर भी, राज ठाकर का रवैया वही है। आतंकवादी हमला और क्षेत्रवादी बढ़ावा बार-बार दोहराया जा रहा है, लेकिन हमार देश के नेता रटी-रटाई भाषा में ‘हम निंदा करते हैं’ बोलते रहते हैं। जब जनता बड़े उग्र रूप में आई तो इस्तीफा देकर अपना पिंड छुड़ा लिया। क्या इस्तीफा देने से आतंकवाद और क्षेत्रवाद जसी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी ? शैलेन्द्र कुमार, नेहरू विहार ऐसा विकास किस काम का 21वीं सदी का यह पहला दशक है और जिस गति से विकास हो रहा है, उससे लगता है कि बड़ी-बड़ी कल्पनाएं मानो चुटकियों में साकार हो जाएंगी। भारत भी एक विकसित देश बनने की ओर अग्रसर है और विकास की सबसे बड़ी व महत्वपूर्ण कड़ी युवा शक्ित भारत में बड़ी संख्या में है। आज प्रथम वर्ष का जो छात्र धुआं पीना देखा-देखी शुरू करता है, तृतीय वर्ष तक वह उसका आदी हो जाता है। आज युवा पढ़ाई की ‘थकान’ मिटाने के लिए ‘बीयर’ व ‘रम’ पर इतना निर्भर हो गया है कि टी-शर्ट पर भी ‘सेव वाटर, ड्रिंक बीयर’ लिखने से गुरा नहीं कर रहा। ऐसा विकास किस काम का, जो ऐसी कीमत पर मिले? गोपाम्बुज सिंह राठौड़, दिल्ली कुंडलिया मनसे की लाठी चली, पीड़ित हुआ समाजड्ढr आम आदमी त्रस्त है और मस्त है ‘राज’ड्ढr और मस्त है राज, चुनावी आडम्बर हैड्ढr क्षेत्रवाद की कुटिल नीति, विकराल जहर हैड्ढr पर आती आवाज यही है कण-कण सेड्ढr एक हैं हम भारतवासी जन-गण-मन से। नीलाम्बुज सिंह, ढक्का गांव, दिल्लीं

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