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कभी-कभी ऐसा दिन भी आता है : धोनी

भारतीय कप्तान ने स्वीकार किया कि आज का दिन उनकी टीम के लिए अच्छा नहीं रहा। दूसरे दिन के खेल के बाद प्रेस ब्रीफिंग में महेन्द्र सिंह धौनी ने कहा कि मैच के दौरान कभी-कभी ऐसा दिन भी आता है। हमने आज अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि दो मैचों की सिरीज में वापसी करना काफी मुश्किल होता है। लेकिन कभी-कभी ऐसी स्थितियों का सामना भी करना पड़ता है। एक बार फिर असफल हो जाने वाले राहुल द्रविड़ का उन्होंने बचाव करते हुए कहा कि सभी जानते हैं कि वह कितने बड़े प्लेयर है। वह इन दिनों खराब दौर से गुजर रहे हैं लेकिन ऐसे दिन हर खिलाड़ी के कॅरिअर में आते हैं। इसी टेस्ट के साथ कॅरिअर शुरू करने वाले ऑफ स्पिनर ग्रीम स्वान के बार में कप्तान ने कहा कि यह कहना ठीक नहीं है कि हमने उन्हें कम तर आंका था। स्वान की जिस गेंद पर द्रविड़ आउट हुए वह काफी अच्छी थी और वे उसे खेल नहीं सके, जबकि उनसे पहले गौतम गंभीर चाय के ब्रेक से पहले कोई जोखिम न उठाने के चक्कर में स्टम्प पर आ रही गेंद को पैड पर खेल गए। सुबह नई गेंद नहीं लेने के अपने फैसले का पक्ष लेते हुए धौनी ने कहा कि हम इंग्लैण्ड को ज्यादा रन नहीं बनाने देना चाहते थे, जबकि नई गेंद से तेजी से रन बनते हैं। इसके अलावा हमार तेज गेंदबाज भी थके हुए थे। फिर इस विकेट पर स्पिनर्स को अच्छा टर्न भी मिल रहा था। उन्होंने कहा कि हमार स्पिनर्स ने अच्छी गेंदबाजी की। लेकिन यह सोचना कि हम उन्हें 250 या 280 रन के भीतर आउट कर लेते प्रैक्िटकल नहीं होगा। धौनी ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमने 316 रन बहुत ज्यादा बनवा दिए हैं। हम उनको इस स्कोर पर सीमित करने में संतुष्ट हैं। युवराज और फ्लिंटाफ के बीच हुई नोंकझोक के बार में धौनी ने कहा कि युवी की बल्लेबाजी करते समय सामने वाली टीम के खिलाड़ियों से बातचीत करने की आदत है। दोनों के बीच कोई खास बात नहीं थी। ऐसा भी नहीं है कि इसी वजह से युवराज आउट हो गए हों, उन्होंने गलत शॉट खेलकर अपना विकेट खोया।

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