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फचर्ाी डिग्रीधारियों पर कसा शिकंचाा

पहले चरण में फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर बहाल हुए हजारों शिक्षकों के जेल जाने की नौबत आ गई है वहीं दूसर चरण के लिए होने वाली कौंसिलिंग के दौरान ऐसे अभ्यर्थियों को पुलिस के हवाले करने की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों ने जिन संस्थानों की प्रशिक्षण की डिग्री सौंपी है वह यदि 1े बाद का है तो उसे एनसीटीई से मान्यता प्राप्त होना चाहिए और यदि पहले की है तो उसे संबंधित राज्य सरकार या केन्द्र से मान्यताप्राप्त होना जरूरी है।ड्ढr यह भी देखा जाएगा कि इन संस्थानों ने सत्र विशेष में निर्धारित सीट से अधिक तादाद में तो डिग्री नहीं बांट दी है। इस बार ऐसे संस्थानों की सूची बनाई जा रही है जिनकी डिग्रियां अधिक आई हैं। अधिकारियों को भेजकर इनकी जांच कराई जाएग़ी। सभी डीईओ को सोमवार को निर्देश भेजा जाएगा कि वे मेधा सूची में आने वाले हर अभ्यर्थी के प्रमाण पत्रों, अंक पत्रों और डिग्रियों की जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपें। इसी तर्ज पर नियोजन इकाइयों को भी प्रमाण पत्रों की जांच को कहा गया है। पहले चरण में बहालफर्ाी डिग्रीधारी शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी, उनको जेल भेजा जाएगा और वेतन की वसूली होगी।

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