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होम लोन की दर हो छह फीसदी : उद्योग मंडल

उद्योग जगत ने मंदी से निपटने के लिए होम लोन की दर घटाने के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निर्णय को नाकाफी बताते हुए कहा है कि इस दिशा में अभी और कदम उठाए जाने की जरूरत है। एसोचैम के अध्यक्ष सजन जिंदल ने आवास ऋणों में ब्याज दरों में की गई कटौती को अपर्याप्त बताते हुए कहा है कि सरकार को 30 लाख रुपये तक के होम लोन के लिए ब्याज दर छह प्रतिशत करनी चाहिए। इससे अधिक की राशि पर 8.50 प्रतिशत की ब्याज दर तय की जाए तो यह उपयुक्त कदम होगा। जिंदल ने कहा कि यदि सरकार इस तरह का कदम उठाती है तो रियल एस्टेट, निर्माण, सीमेंट, स्टील, इलेक्ट्रीकल्स तथा भारी उद्योग क्षेत्र को खासा बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बैंकों ने आवास ऋरण क्षेत्र में ब्याज की दरों में कटौती करने का सोमवार को जो निर्णय लिया है उसका अचल संपत्ति क्षेत्र पर बहुत असर पड़ने वाला नहीं है, क्योंकि इतनी कम कीमत पर संपत्तियां दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में ही उपलब्ध हो सकती है। फिक्की ने सरकार के इस कदम का स्वागत तो किया है, लेकिन कहा है कि इस दिशा में अभी और कदम उठाए जाने की जरूरत है। फिक्की के महासचिव अमित मित्रा ने कहा है कि घटी हुई ब्याज दरें कम से कम 30 लाख रुपये के ऋण तक लागू की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि 20 लाख रुपये तक के ऋण में जो कमी की गई है उससे केवल दक्षिण तथा पूर्वी क्षेत्र में फायदा होगा। उत्तर भारत में इसका असर सीमित रहेगा। इस स्थिति को देखते हुए सरकार को घटी दरों पर ऋण की सीमा बढ़ा देनी चाहिए।

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  • Web Title: होम लोन की दर हो छह फीसदी : उद्योग मंडल