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मामला अप्रासंगिक, खींचने की कोशिश

आय से अधिक संपत्ति के मामले में सरकार का पक्ष रख रहे सीनियर वकील आरके धवन ने कहा कि यह मामला अब अप्रासंगिक हो गया है। प्रार्थी ने मंत्रियों की संपत्ति की जांच कराने के लिए यह याचिका दायर की थी। एनोस एक्का एवं हरिनारायण राय के खिलाफ निगरानी थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है। शेष मंत्रियों पर आय से अधिक संपत्ति का मामला बनता ही नहीं है। इस कारण इस याचिका को अब अप्रासंगिक मान लेनी चाहिए। प्रार्थी की ओर से हर बार पूरक शपथपत्र दाखिल किया जा रहा है। हर बार नया पूरक शपथपत्र दाखिल करना कोर्ट प्रोसिडिंग में नहीं आता है। यदि कोर्ट को किसी बात की जानकारी लेनी हो, तो वह निर्देश देती है। इसके बाद ही अतिरिक्त जानकारी दी जाती है। लेकिन प्रार्थी द्वारा हर बार पूरक शपथपत्र दिया जा रहा है। इसके समर्थन में कोई पुख्ता सबूत नहीं दिया जा रहा है। ऐसा कर मामले को लटकाने की साजिश प्रार्थी की ओर से हो रही है। प्रार्थी ने कहाड्ढr निष्पक्ष जांच नहीं, आइओ बदल रही सरकार रांची। प्रार्थी की ओर से कहा गया कि मंत्री एनोस एक्का एवं हरिनारायण राय के खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज की गयी है, लेकिन जांच सही तरीके से नहीं हो रही है। इस कारण कोर्ट को इसकी मॉनिटरिंग करनी चाहिए। प्रार्थी का पक्ष रखते हुए वकील ऋतु कुमार ने कहा कि दोनों के खिलाफ 26.11.08 को प्राथमिकी दर्ज की गयी। इसके अनुसंधान अधिकारी भोला नाथ सरकार बनाये गये थे। लेकिन कुछ दिन बाद आइओ बदल दिया गया। इससे प्रतीत होता है कि सरकार इस मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराना चाहती। सरकार गंभीर रहती, तो इनके खिलाफ खुद प्राथमिकी दर्ज कराती, लेकिन प्राथमिकी प्राइवेट पार्टी ने दर्ज करायी है। पूरक शपथपत्र के मामले में प्रार्थी का कहना था कि उन्हें जसे-ौसे जानकारी मिल रही है, कोर्ट को दिया जा रहा है।

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