अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

रुकीं 300 करोड़ की परियोजनाएं

निर्माण के लिए जमीन नहीं मिलने के कारण भवन निर्माण विभाग की तीन सौ करोड़ रुपये की परियोजनाएं रुकी हुई हैं। विभाग में इांीनियरों और कर्मचारियों का घोर अभाव है। इसके बावजूद भवन निर्माण विभाग बिहार के विकास में जबर्दस्त भूमिका निभा रहा है। यह दावा है भवन निर्माण मंत्री छेदी पासवान का। सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने विभाग की उपलब्धियां बताई। उन्होंने कहा कि लगातार काम में जुटे रहने के बावजूद विभाग के कार्यो की चर्चा नहीं होती है।ड्ढr ड्ढr श्री पासवान ने कहा कि विभाग ने राजधानी में स्थित सभी भवनों की मरम्मत की समस्या का समाधान कर दिया है। इसके लिए सभी प्रमंडलों के प्रत्येक शाखा में शिकायत केन्द्र बनाया गया है। यहां शिकायत दर्ज होते ही उसे दूर करने के लिए कार्रवाई शुरू हो जाती है। इसके लिए ठीकेदार के साथ कान्ट्रैक्ट किया गया है। उन्होंने बताया कि राजधानी में सभी सरकारी आवासों से अवैध कब्जा हटा लिया गया है और दंड किराया के रूप में 5 लाख रुपये से भी ज्यादा राशि वसूल की गई है। कई आवासों को नेताओं और अफसरों के अवैध कब्जे से भी मुक्त कराया गया है। बेली रोड के आफिसर्स फ्लैट के ब्लॉक ए, बी और सी को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के साथ उनकी समुचित मरम्मत कराई गई है। तीनों ब्लॉक के 180 फ्लैटों को रहने योग्य बनाया जा रहा है। साथ ही ब्लॉक बी में दो फ्लैटों को मिलाकर एक फ्लैट बनाने की योजना है। स्वास्थ्य विभाग के भवनों का निर्माण करने के लिए बिहार हेल्थ प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कारपोरशन लिमिटेड बनाया गया है। श्री पासवान ने कहा कि उनका विभाग हालांकि कर्मचारियों के मामले में अब भी विपन्न ही है। विभाग में इांीनियरों का घोर अभाव है। 40 प्रतिशत पदों पर ही जूनियर इांीनियर काम कर रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद थे।ं

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: रुकीं 300 करोड़ की परियोजनाएं