DA Image
24 फरवरी, 2020|1:20|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

नेताओं की आलोचना करने वाले चुनाव लड़ें

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजनेताओं के खिलाफ मुहिम चलाने वालों को फासिस्ट करार दिया है। ऐसे लोगों को आलोचना करने की बजाये खुद राजनीति में आने की चुनौती देते हुए श्री कुमार ने कहा कि जिन लोगों को यह लगता है कि पॉलीटिकल सिस्टम ठीक नहीं चल रहा या नेता ठीक नहीं है वे राजनीति में आएं और चुनाव लड़ें। जनता के पास अच्छे लोगों का विकल्प होगा तभी तो वह ‘खराब’ नेताओं को हटा सकेगी। अगर विकल्प ही नहीं रहेगा तब तो वही लोग जमे रहेंगे।ड्ढr ड्ढr सोमवार को जनता दरबार के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहर बैठकर किसी भी सिस्टम में कमियां तलाशना या उसकी आलोचना करना सबसे आसान काम होता है। जिन्हें पॉलीटिकल सिस्टम पर भरोसा नहीं है उन्हें उपदेश देने की बजाये खुद आना चाहिए। लेकिन ऐसे लोगों को एक बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि डेमोक्रसी का मतलब है जनता के हाथों में शासन की ताकत। इस देश में डेमोक्रसी का कोई विकल्प नहीं है। प्रजातांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ माहौल बनाने का मतलब फासिज्म की ओर बढ़ना है।ड्ढr ड्ढr इसलिए नेताओं के खिलाफ अभियान चलाने की बजाय ऐसे लोगों को खुद चुनाव लड़ना चाहिए। बाहर से आलोचना कर रहे लोगों को स्वतंत्रता आंदोलन से सबक लेना चाहिए जब राजेन्द्र प्रसाद सरीखे देशभक्तों ने वकालत के जमे-जमाए पेशे को त्यागकर राजनीति को देश सेवा का माध्यम बनाया।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title: नेताओं की आलोचना करने वाले चुनाव लड़ें