DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

भारत में आंतरिक आर्थिक मंदी नहीं: चिदम्बरम

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने मंगलवार को साफ तौर पर कहा कि भारत में आन्तरिक आर्थिक मंदी नहीं है अलबत्ता उस पर वैश्विक आर्थिक मंदी का असर जरूर पड़ रहा है। चिदम्बरम ने मंगलवार को रायसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि विश्व के कई प्रमुख देश आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहे हैं और इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर लगातार दो तिमाहियों में विकास दर कम होती रहे तब कहा जा सकेगा कि आर्थिक मंदी है। उन्होंने कहा कि खाद्यान्न और दालों तथा पैट्रोल, डीजल की कीमतों में वृद्धि के बाद अब इनकी कीमतों में कमी का दौर शुरु हो चुका है और कीमतों में कमी देखी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पैट्रोल-डीजल आदि की कीमतों में गिरावट दर्ज होने के बावजूद देश में दलहन जैसे उत्पादों के दाम घटने के बजाय बढ़ने के सवाल पर चिदम्बरम ने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि दालों की मांग आपूर्ति में 60 से 70 लाख टन के अंतर के कारण उन पर दबाव रहता है। उन्होंने कहा कि आमतौर पर खाद्यान्नों पर अंतरराष्ट्रीय उतार चढ़ावों का नहीं बल्कि मांग आपूर्ति का असर यादा होता है। चिदम्बरम ने कहा कि वर्ष 2008 में मुद्रा स्फीति को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दी जा रही थी लेकिन आज प्राथमिकता बदलकर विकास दर पर टिक गई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हाल ही में उत्पाद कर में चार प्रतिशत की कटौती की है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए है और जब भी जरूरी समझेगी और कदम उठाएगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: भारत में आंतरिक आर्थिक मंदी नहीं: चिदम्बरम