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हार का ठीकरा रणनीतिकारों पर

लोकसभा चुनाव से पहले हुये सेमी फाइनल में हार से हलकान भारतीय जनता पार्टी ने अपनी हार मानने से इंकार करते हुये कहा है कि यह उसका हिट विकेट है। इस तरह एक बार फिर वह जन भावना को नकारती दिख रही है। संसदीय दल की बैठक में लालकृष्ण आडवाणी ने अपने कमांडरों की हौसला अफलाई करते हुये कहा कि कांग्रेस में ऐसा कोई बालर नहीं है जो भाजपा का विकेट गिरा सके। उन्होंने हार का ठीकरा अपने रणनीतिकारों पर फोड़ा। इससे पहले भी आडवाणी ने 2004 के लोकसभा के चुनाव में जनादेश को नकारते हुये हार का कारण इंडिया शाइनिंग नार को जिम्मेदार ठहराया था। वह तब भी जनता के मूड को पहचानने के मूड में नहीं थे। कैश फार वोट कांड में अपने सबसे नजदीकी चिंतक सुधीन्द्र कुलकर्णी को गृह मंत्रालय की जांच में फसाये जाने से गुस्सा आडवाणी ने आनन फानन में कैश फार वोट कांड को अपने पंसदीदा चुनावी मुद्दों आतंकवाद और महंगाई के साथ जोड़ने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार कुलकर्णी ही आडवाणी के प्रमुख भाषण लेखक हैं। चुनाव से पहले कुलकर्णी को कानूनी पचड़े में फसा दिये जाने से आडवाणी काफी नाराज हैं। वे इस बात से भी नाराज हैं कि कांड के असली सूत्रधार सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल को क्लीन चिट दे दी गई है। इसीलिये भाजपा कैश कांड पर अब आर पार की लड़ाई के मूड में आ गई है। पार्टी के महासचिव अरूण जेतली ने इस कांड को उसकी परिणति तक पहुंचाने का ऐलान करते हुये संकेत दिये हैं कि इस लड़ाई को सच तक पहुंचाने के लिये वह संसद से लेकर बाहर किसी फोरम पर लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि यह संसदीय बहुमत का फैसला है। इसमें परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की उपेक्षा की गई है। संसदीय दल की बैठक में पार्टी के आंतरिक मतभेद भी खुल कर सामने आये। आडवाणी ने दिल्ली में सत्ता पर काबिज न होने के लिये टिकट वितरण को जिम्मेदार ठहराया। इस तरह उन्होंने दिल्ली चुनाव की पीछे से कमान संभाल रहे अरुण जेतली पर भी हमला किया।

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