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आतंकवाद खत्म करने के लिए रहेंगे हमेशा तत्पर

रांची कॉलेज के छात्रों ने विजय रैली के क्रम में शहीद चौक पहुंच कर शहीदों मीनार के समक्ष श्रद्धांजलि अर्पित की। मौके पर उन्होंने दीप जलाकर राष्ट्रीय एकता का संकल्प लिया। छात्रों ने कहा, हमारा एकमात्र परिचय भारतीय हो. हम राष्ट्र धर्म और मानव धर्म के पालन में लगे रहेंगे.आंतकवाद को नष्ट करने के लिए तत्पर रहेंगे।ड्ढr कैडेटों को मिला सम्मानड्ढr विजय दिवस समारोह में श्रेष्ठ प्रदर्शन करनेवाले एनसीसी कैडेटों को पुरस्कृत किया गया। मास ड्रील में एनसीसी गर्ल्स की विजेता टीम की ओर से अमृता खलखो एवं रनर अप ब्वॉयज टीम की ओर से वीरंद्र कुमार ने पुरस्कार प्राप्त किये। इसके अलावा 2008 गणतंत्र दिवस परड में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए रमेश कुमार ठाकुर एवं पवन कुमार राम, थल सैनिक कैंप के लिए अमृता खलखो, वीरंद्र कुमार साहू, सुनीता खलखो, सरिता गाड़ी, विजय कुमार करमाली, घनश्याम ठाकुर और बी ग्रेड के टॉपर रमेश टाकुर तथा सी ग्रेड टॉपर सुनीता खलखो पुरस्कृत किये गये। विजेताओं को एटीआइ निदेशक एके सिंह,वरिष्ठ पत्रकार हरिनारायण सिंह, डॉ एके सिंह, कर्नल आनंदभूषण, कर्नल रांीत सिंह एवं प्राचार्य डॉ आनंदभूषण ने पुरस्कृत किया।ड्ढr डॉ एके सिंह सम्मानितड्ढr 1े युद्ध में शिरकत करनेवाले रिम्स के पूर्व प्राध्यापक डॉ एके सिंह को रांची कॉलेज एनसीसी की ओर से सम्मानित किया गया। मौके पर डॉ सिंह ने अपना अनुभव सुनाते हुए कहा कि आर्मी की लाइफ सिविल लाइफ से बेहतर है। सेना में एकता और अनुशासन है। कुचल दो आतंकवाद कोसंवाददाता रांची आतंकवाद के खिलाफ झारखंड डोमेस्टिक वर्कर्स वेलफेयर ट्रस्ट की ओर से 16 दिसंबर को मोमबत्ती जुलूस निकाला गया। इसमें धर्मबहनें, कॉलेज और स्कूली छात्र-छात्राएं शामिल थे। शाम पांच बजे उसरुलाइन कॉन्वेंट से निकाले गये इस जुलूस का नारा था आतंकवाद बंद करो.. और हम सब एक हैं।ड्ढr जुलूस में शामिल लोग जलती हुई मोमबत्तियों के साथ अलबर्ट एक्का चौक पहुंचे। यहां वीर शहीद अलबर्ट एक्का की प्रतिमा के सामने मोमबत्तियां रख कर शहीदों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गयी। जुलूस का संचालन कर रहीं सिस्टर जेम्मा, सिस्टर क्रिस्टी और सिस्टर जूलिया ने बताया कि हाल में बढ़ता आतंकवाद भयंकर रूप ले रहा है। हमार भाई-बहनों को तबाह कर रहा है। उन्होंने कहा कि जुलूस के माध्यम से हम उन दु:खी परिवारों को याद करते हैं, जिन्होंने अपनों को खो दिया है। सिस्टर जेम्मा ने कहा कि जलती हुई मोमबत्तियां शहीदों के जीवन का प्रतीक हैं, जिन्होंने अपना जीवन कुर्बान कर दिया। जुलूस के माध्यम से लोगों ने समाज की एकता और उन्नति का भी संदेश दिया।

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