अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

उद्योग ही नहीं, कुत्ते-बिल्ली पर भी मंदी की मार

दुनिया भर में छाई आर्थिक मंदी की मार बैंकरों, व्यापारियों, उद्योगपतियों पर ही नहीं बल्कि पालतू जानवरों को भी झेलनी पड़ रही है। ब्रिटेन की जानी मानी पशु संरक्षण संस्था बैटरसी डॉग्स एण्ड कैट्स होम ने बताया कि तमाम लोग अपने पालतू कुत्तों और बिल्लियों को उसके यहां छोड़ गए हैं, इससे उसके यहां इन जानवरांे की भरमार हो गई है। संस्था ने बताया कि पिछले वर्ष उसके यहां 1000 के कुछ अधिक लावारिस कुत्ते आए थे लेकिन इस साल अब तक 6430 कुत्ते आ चुके हैं इन्हें रखने की जगह तक नहीं है। संस्था के अनुसार लावारिस कुत्तों को पकड़ने की जिम्मेदारी पुलिस से हटा कर स्थानीय शासन पर डाल देने के नए नियम के कारण भी समस्या कुछ बढ़ी लेकिन इसका मूल कारण आर्थिक संकट भी है। खुद की रोजी रोटी पर संकट झेल रहे लोग कुत्तों बिल्लियों को कैसे खिला पाएंगे। कुत्तों के कल्याणार्थ गठित एक न्यास दि डाग्स ट्रस्ट ने इस सप्ताह उन कारणों की एक सूची जारी की है, जिन्हें बता कर लोग अपने कुत्ते बाहर छोड़ दे रहे हैं। एक व्यक्ित ने कारण बताया कि मेरा कुत्ता मेरे सोफे से मैच नहीं करता है। जबकि एक अन्य का कहना था कि मेरा काला कुत्ता मेरे नए सफेद कारपेट से मैच नहीं करता, क्या मैं इसे किसी सफेद कुत्ते से बदल सकता हूं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: उद्योग ही नहीं, कुत्ते-बिल्ली पर भी मंदी की मार