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न लाल बत्ती वाली गाड़ी, न सुरक्षा गारद

मुख्यमंत्री शिबू सोरन ने अपने कैबिनेट सहयोगी एनोस एक्का को अभी तक भले ही बर्खास्त न किया हो, लेकिन एनोस ने मानो स्वीकार लिया है कि अब उन्हें मंत्री नहीं रहना। तभी तो हमेशा सुरक्षाकर्मियों से घिर रहनेवाले एनोस बुधवार को साधारण सदस्य के रूप में विधानसभा पहुंचे। सरकारी कार नहीं थी। उनकी कार में न लाल बत्ती दिखी, न पुलिस के कमांडो नजर आये। सदन में भी पूरी कार्यवाही के दौरान वह एकदम चुपचाप बैठे रहे। अपने संग बैठे सहयोगी मंत्री कमलेश सिंह से बीच-बीच में थोड़ी गुफ्तगू जरूर कर रहे थे। सदन में आने-ााने के क्रम में उनके दूसर साथी मंत्री हरिनारायण राय भी बीच-बीच में उनसे बतियाते दिख रहे थे। वैसे बाकी सदस्यों की निगाहें जरूर एनोस एक्का की तरफ थीं, लेकिन कोई उनसे बोल-बतिया नहीं रहा था।ड्ढr सदन से बाहर आने पर मीडिया के सामने एनोस एक्का पूर तेवर में थे। फिर ललकारने के अंदाज में उन्होंने बयान दिया कि किसी भी मंत्री को हटाने और रखने का अधिकार मुख्यमंत्री को है। उन्हें हटाना है तो हटा दें, लेकिन हम अपने स्टैंड पर कायम हैं। डरा-धमका कर लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता है। नगर विकास मंत्री हरिनारायण राय ने कहा कि वह नैतिक और नीति रूप से एनोस एक्का के साथ हैं। कैबिनेट में रखने या न रखने का अधिकार तो सीएम का है, लेकिन लोकतंत्र में चुनाव लड़ना और लड़ाने का अधिकार सबको है। जल संसाधन मंत्री कमलेश कुमार सिंह ने कहा है कि सीएम चुनाव लड़े रहे हैं, तो इस विषय पर यूपीए नेता को मिलकर विचार करना चाहिए था। लेकिन जब मंत्री एनोस एक्का ने कहा है कि उन्होंने गुरुाी के आशीर्वाद से ही उम्मीदवार खड़ा किया है, तब तो उनकी बातें भी गंभीरता से लेनी चाहिए।

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