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नौकरी में बिहारी युवकों को मिले प्राथमिकता

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने युवकों का आह्वान किया कि वे अपनी क्षमता को बढ़ायें, राज्य में रोगार की अपार संभावनाएं हैं और हर क्षमतावान को नौकरी मिलेगी। मंदी से लड़ने के लिए विकास कार्यो में पैसा लगाने का जो मूल मंत्र दिया जा रहा है, राज्य सरकार उसपर पहले से ही काम कर रही है। यही कारण है कि दूसरी जगह कर्मचारियों की छटनी करने वाली निजी कंपनियां बिहार में नौकरी देने को उत्सुक हैं। उन्होंने कंपनियों को भी सलाह दी कि वे आंख बंद कर बिहारी युवकों का चयन करंे।ड्ढr ड्ढr बिहारी युवक मुफ्त की रोटी नहीं खाना चाहते। मुख्यमंत्री सरकार के तीन वर्ष पूर होने पर श्रम संसाधन और विज्ञान प्रवैद्यिकी विभाग द्वारा बुधवार को आयोजित दूसरे राज्यस्तरीय नियोजन सह मार्गदर्शन मेले का उद्घाटन करने के बाद नियोजन के लिए पहुंचे युवकों को संबोधित कर रहे थे। श्रम संसाधन मंत्री अवधेश नारायण सिंह की अध्यक्षता में समारोह श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित था। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विकास में जितना पैसा लगा रही है उससे संभावनाओं का नया द्वार खुलेगा। अरवल और सहार के बीच सोन नदी पर पुल बनाने के काम की शुरूआत करने वे आज ही जा रहे हैं। बंद पुल निर्मण निगम को काम मिला तो सरकार को लाभांश देने लगा। समारोह को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि तीन साल में लगभग सवा तीन लाख लोगों को सिर्फ सरकारी नौकरी मिली है। पांच साल पूरा करने के पहले हम संख्या को पांच लाख के पार कर देंगे। श्रम मंत्री अवधेश नारायण सिंह के अलावा राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष, पूर्व डीाीपी आर आर प्रसाद, श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव व्यासजी ने भी समारोह को संबोधित किया। मंच संचालन मो. अजीम कर रहे थे तो स्वागत भाषण नियोजन एवं प्रशिक्षण निदेशक प्रदीप कुमार और धन्यवाद ज्ञापन आलोक वर्धन चतुव्रेदी ने किया।ं

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