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सजने लगे गिरजाघर, गूंजने लगे क्रिसमस गीत

ईसाइयों के लिए दिसम्बर का महीना एक खास महत्व रखता है। क्रिसमस का पर्व आने में अभी आठ दिन शेष हैं लेकिन राजधानी के मिशनरी स्कूलों व गिराा घरों में चहल-पहल शुरू हो गयी है। कैथोलिक व प्रोटेस्टेंट मतों के ईसाइयों में इस पर्व को लेकर काफी उमंग देखी जा रही है। गिरााघरों को झालरों व रंगीन बल्बों से सजाया जा रहा है। मिशनरी स्कूलों के छात्र-छात्राओं में क्रिसमस को लेकर जबर्दस्त उत्साह है। क्रिसमस को लेकर ईसाई समुदाय के घरों की साफ-सफाई शुरू हो गयी है। साथ ही वे लोग खरीदारी में भी मसरूफ हो गये हैं। राजधानी के सभी गिराा घरों में पंडाल सजने लगे हैं। यही नहीं, इस त्योहार के आगमन का संदेश देने के लिए मंगलवार से बच्चे व युवा वर्ग अपने-अपने क्षेत्र के मोहल्ले के घर-घर जाकर बालक यीशु के जन्म से संबंधित संदेश आया मसीहा, आया.., जन्मे यीशु.. कह रहे हैंे।ड्ढr ड्ढr कर्णप्रिय मधुर गीत व भजनों से (कैरोल सिंगिंग) वातावरण खुशनुमा व भक्ितमय हो गया है। यीशु के जन्म के आगमन के लिए बच्चों ने बालक प्रभु यीशु की प्रतिमा को टोकरी में रखकर ईसाई समुदाय के मोहल्ले बांसकोठी, क्रिश्चियन कालोनी, फेयर फील्ड कालोनी, मगध कालोनी, होली क्रॉस, हमीदपुर आदि जगहों में जाकर प्रभु यीशु के आगमन के मधुर गीत गा रहे हैं और सभी लोगों से यीशु के आगमन के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इधर विशप हाउस, क्राइस चर्च, बांकीपुर, कुर्ाी चर्च, न्यू पाटलिपुत्र चर्च, कुर्ाी होली फैमिली अस्पताल, मरियम टोला, फेयर फील्ड कालोनी, सेवा केन्द्र, नवज्योति निकेतन, नोट्रेडम कॉन्वेंट, एक्सटीटीआई, संत मेरिा एकेडमी, आशियाना नगर आदि जगहों पर यीशु के जन्म को लेकर पुआल से गोशाला बनायी जा रही है। इस गोशाला में यीशु, गररिया व गायों के झुंड की प्रतिमा बनायी जा रही है। यहां तक कि ईसाइयों के सभी घरों की छतों पर जगमगाते स्टार लगाये गये हैं। वहीं इन मोहल्लों में बुढ़ा सांता क्लॉज बच्चों को खाने के लिए मिठाइयां और खेलने के लिए मनमोहक खिलौने बांटते दिखाई दे रहे हैं। प्रभु यीशु के जन्म के संबंध में कहा जाता है कि दाऊद के नगर बेतलेहम के एक साधारण गौशाला में महान प्रभु यीशु का बालक के रूप में जन्म हुआ था, जो राजाओं के राजा हम सब के प्रभु मुक्ितदाता व उद्धारकर्ता हैं। इसी की याद में ईसाई समुदाय के लोग 25 दिसम्बर को क्रिसमस यानी बड़ा दिन मनाते हैं। क्योंकि इसी दिन उनका मसीहा व मुक्ितदाता पैदा हुआ। वैसे ईसाई बहुल देशों में क्रिसमस का पर्व बारह दिनों का यानी 25 दिसम्बर से छह जनवरी तक धूमधाम और भारी उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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  • Web Title: सजने लगे गिरजाघर, गूंजने लगे क्रिसमस गीत