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कई इलाकों में घंटों चली आंखमिचौनी

ठंड के साथ बुधवार को बिजली ने भी सताया। दिन में शहर के कई मुहल्लों में तीन से चार घंटे तक बिजली गुल रही। वहीं शाम के बाद भी कुछ इलाके अंधेर में डूबे रहे। ठंड के कारण घरों में ब्लोअर आदि के जलाए जाने से बिजली की मांग बढ़ गयी। नतीजतन शाम के बाद मीठापुर,जक्कनपुर व खगौल ग्रिडों से घंटे-दो घंटे तक बिजली की कटौती हुई। उधर फतुहा ग्रिड में सौ एमवीए का पॉवर ट्रांसफार्मर बिठाए जाने से मीठापुर व गायघाट ग्रिड से लगभग तीन घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। इसके चलते कंकड़बाग, राजेन्द्रनगर, करबिगहिया, पोस्टल पार्क, चांदमारी रोड, कदमकुआं, मुसल्लहपुर, कुम्हरार समेत दर्जनों मुहल्लों में सुबह 11 से दोपहर 2 बजे तक बिजली गुल रही। वहीं जक्कनपुर ग्रिड में रिले सेटिंग के चलते तीन से चार घंटे तक आपूर्ति प्रभावित हुई। इस वजह से मछुआ टोली, अशोक राजपथ, गांधी मैदान का क्षेत्र, मखनिया कुआं, रमना रोड, दरभंगा हाउस, पीरबहोर, महेंद्रू, दलदली, सालिमपुर अहरा,पीएमसीएच आदि में बिजली घंटों गुल रही। बिजलीबोर्ड के प्रवक्ता एसके घोष के मुताबिक जक्कनपुर ग्रिड में रिले सेटिंग किया जा रहा है। इस वजह से अगले तीन-चार दिनों तक जक्कनपुर को 0 की बजाय 70 मेगावाट बिजली ही मिल सकेगी। उनके अनुसार कोयले की किल्लत दूर होने के चलते बुधवार को 1046 मेगावाट बिजली मिली। ड्ढr 24 घंटे से जंक्शन पर हैं ट्रेन की प्रतीक्षा मेंड्ढr पटना (हि.प्र.)। सर, मैं 24 घंटे से ट्रेन की प्रतीक्षा में जंक्शन पर हूं। कृपा करके बताएं कि नॉर्थईस्ट एक्सप्रेस अभी कहां है और कबतक आ जाएगी। गया के शेरघाटी निवासी वीरद्र प्रताप ने बुधवार की शाम को पटना जंक्शन के डिप्टी एसएस से अपनी पीड़ा सुनाई। वीरंद्र प्रताप मंगलवार को अपराह्न् पांच बजे पटना जंक्शन पहुंच गए थे। मंगलवार को रात दस बजे उनकी ट्रेन (2506 नॉर्थईस्ट) थी। उन्होंने अपना आरक्षण कराया था, पर टिकट वेटिंगलिस्ट का था। उनकी दास्तान सुनने के बाद डिप्टी एसएस को दया आई और नॉर्थईस्ट के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने बताया कि मंगलवार को रात दस बजे पटना पहुंचने वाली नॉर्थईस्ट 20 घंटे लेट है और अभी बक्सर क्रॉस कर रही है। दो घंटे के अंदर पटना पहुंच जाएगी। दरअसल घने कोहर की मार से यह ट्रेन कई दिनों से रिकार्ड विलंब से चल रही है। श्री प्रताप आर्मी के जवान हैं और डिब्रूगढ़ में पोस्टेड हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को ही उन्हें योगदान देना था। ट्रेन इतनी लेट चलेगी इसका अंदेशा नहीं था। उन्होंने कहा कि मंगलवार को रात में बताया गया कि ट्रेन छछ घंटे लेट चल रही है। हर घंटेभर बाद विलंब का समय बढ़ता गया और अंतत: यह ट्रेन 20 घंटे लेट हो गई। हालांकि इस तरह की परशानी झेलने वाले वे अकेले व्यक्ित नहीं थे। कोहर ने कई यात्रियों को फाीहत झेलने पर मजबूर कर दिया है।

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