अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

कंकड़बाग ड्रनेज योजना केंद्र सरकार ने की नामंजूर

ेन्द्र सरकार ने कंकड़बाग ड्रनेज निर्माण के लिए 4रोड़ रुपए की योजना को नामंजूर कर दिया है। अब इसे राज्य सरकार अपने पैसे से पूरा करायेगी। पम्पिंग स्टेशनों से पटना नगर निगम का नियंत्रण हटेगा। अब सभी 38 पम्पिंग स्टेशनों का नियंत्रण और मेंटेनेंस बिहार राज्य जल पर्षद को सौंपा जायेगा। गुरुवार को नगर विकास मंत्री भोला सिंह ने पटना में जलजमाव से निबटने की तैयारियों और कंकड़बाग ड्रनेज योजना की समीक्षा की।ड्ढr ड्ढr मंत्री ने एनबीसीसी को कंकड़बाग टेम्पो स्टैंड-योगीपुर नाले का निर्माण मई, 0ी बजाय अब 31 मार्च तक ही पूरा करने की हिदायत दी। एनबीसीसी के काम की हरक पखवाड़े समीक्षा होगी। बैठक में राजधानी की सड़कों और नालों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए जनवरी में 15 दिन का विशेष अभियान चलाने का निर्णय हुआ। बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए श्री सिंह ने कहा कि ‘नूर्म’ की राशि से ड्रनेज बनाने के डीपीआर को केन्द्र ने ठुकरा दिया है। अब हम अपने पैसे से यह काम करायेंगे। श्री सिंह ने बताया कि नन्दलाल छपरा में 37 लाख रुपए की लागत से 6 पम्प लगेंगे ताकि पानी बादशाही नाले में गिराया जा सके। सैदपुर नाले की दीवार की ऊंचाई बढ़ेगी। राजापुर, मंदिरी और अंटाघाट सम्प हाउस पर 350 एचपी जबकि तीन अन्य सम्प हाउसों पर 175 एचपी के नये पम्प लगेंगे। फिलहाल 42 पम्प और 17 ट्रांसफार्मर की खरीद की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। बिस्कोमान, ट्रांसपोर्टनगर और संदलपुर के अधूर सम्प हाउसों को शीघ्र पूरा कराया जायेगा। पम्पिंग स्टेशनों पर एक एजेंसी का नियंत्रण रखने के लिए इन्हें बीआरजेपी को सौंपा जा रहा है। बैठक में एनबीसीसी, पटना नगर निगम, नगर विकास और ऊर्जा विभाग के अधिकारी मौजूद थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title: कंकड़बाग ड्रनेज योजना केंद्र सरकार ने की नामंजूर