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अंतुले के बयान ने पकड़ा तूल

मुंबई आतंकी हमले में मारे गए एटीएस प्रमुख हेमंत करकरे के बारे में केन्द्रीय मंत्री एआर अंतुल की टिप्पणी को लेकर गुरुवार को संसद के दोनों सदनों में उन्हें बर्खास्त किए जान की विपक्ष की मांग पर सरकार न कहा कि वह पूरे मामल को देखने के बाद कोई प्रतिक्रिया देगी। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में प्रश्नकाल के तुरंत बाद भाजपा के सदस्यों ने इस मामल को उठाते हुए कहा कि एक केन्द्रीय मंत्री ने आतंकी हमले में शहीद हुए करकरे की मौत के बारे में गैर जिम्मेदाराना बयान दिया है जिसके लिए उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए। लोकसभा में भाजपा और शिवसेना के सदस्यों ने हंगामा किया तथा अंतुले को बर्खास्त करने और प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण की मांग की।ड्ढr ड्ढr राज्यसभा में भी भाजपा के एसएस आहलूवालिया ने यह मामला उठाते हुए कहा कि एक केन्द्रीय मंत्री द्वारा इस तरह का गैर जिम्मेदाराना बयान दिए जाने से सदन खामोश कैसे बैठ सकता है। उधर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चह्वाण ने विधानसभा में अंतुल की टिप्पणी को लेकर जांच करान की संभावना को खारिज कर दिया। लोकसभा में भाजपा के संतोष गंगवार ने यह मुद्दा उठाया जिस पर केन्द्रीय संसदीय कार्य मंत्री व्यालार रवि न कहा कि सरकार पूरे मामल को देखेगी कि अंतुले ने क्या कहा और उसके बाद वह इस पर अपनी कोई प्रतिक्रिया देगी। राजग सदस्यों द्वारा मंत्री के जवाब पर असंतोष जताए जाने पर रवि ने पलटवार करते हुए कहा कि मालेगांव विस्फोट मामल की जांच के दौरान आप लोगों ने (भाजपा और शिवसेना ने) करकरे पर तमाम तरह के आरोप लगाये। उन्होंने कहा कि वैसे भी अंतुले इस बात से इंकार कर चुके हैं कि उन्होंने यह कहा था कि करकरे आतंकवादियों के हाथों नहीं बल्कि किसी और के द्वारा मारे गए हैं। रवि न कहा कि अंतुले स्पष्ट कर चुके हैं कि करकरे आतंकवादियों द्वारा मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि बहरहाल वह सदस्यों की भावनाओं से प्रधानमंत्री को अवगत करा देंगे।ड्ढr ड्ढr गंगवार न कहा कि अंतुले न करकरे की मौत के बारे में दुर्भाग्यपूर्ण बयान दिया है जिससे ऐसा आभास मिलता है कि वह आतंकवादियों के हाथों शहीद न होकर किसी और के द्वारा मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे गैर जिम्मेदाराना बयान से देश में समस्याएं पैदा हो सकती हैं और इस तरह के बयान एक मंत्री की सोच को भी दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे सदन में आकर अपने मंत्री द्वारा दिए गए इस बयान पर स्पष्टीकरण दें और उनके खिलाफ कार्रवाई करें। भाजपा के ही अनंत कुमार ने भी प्रधानमंत्री द्वारा अंतुल के बयान पर सदन में स्पष्टीकरण की मांग की और कहा कि उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिये।

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